Republic Day Parade 2026: इस वर्ष का गणतंत्र दिवस परेड कई मायनों में खास था. कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों के तौर पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष अंतोनियो कोस्टा (António Costa) को आमंत्रित किया गया. यह पहली बार है कि EU के दो प्रमुख नेताओं को एक साथ आमंत्रित किया गया. महिला सशक्तिकरण की मिशाल पेश करती महिला सैन्य अधिकारी हों या पहली बार परेड में भाग ले रहा हिम सैन्य दस्ता, सब ने दर्शकों को प्रखर रूप से उत्साहित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
भैरव बटालियन का पदार्पण
2026 के गणतंत्र दिवस परेड में आपने पूरे जोश के साथ कदमताल करते सैनिकों के चेहरे पर निशानों के साथ सैन्य दश्ते को देखा होगा. यह भैरव बटालियन का दस्ता था, जिसका गठन स्पेशल फोर्स के हिस्से के रूप में पिछले साल (2025) अक्टूबर में किया गया था. सेना की नवगठित आधुनिक युद्धक शक्ति, भैरव बटालियन ने, 15 जनवरी को जयपुर में आयोजित हुई सेना दिवस परेड में पहली बार भाग लिया. कर्तव्य पथ में होने वाले परेड में भी इनका इसी बार पदार्पण हुआ.

61वीं कैवलरी, पहली बार साजो-सामान के साथ
पहली बार, 61वीं कैवलरी के घुड़सवार दस्ते के सदस्य युद्ध की साजो-सामान में नजर आए, और स्वदेशी प्लेटफॉर्म सहित प्रमुख सेना उपकरण, अपने कर्मियों के साथ, "चरणबद्ध युद्ध संरचना" में कर्तव्य पथ परेड में भाग लिया. 61वीं कैवलरी, जो अपने सदस्यों द्वारा औपचारिक वर्दी और आकर्षक टोपी पहनने के कारण अपनी प्रभावशाली उपस्थिति के लिए जानी जाती है, पारंपरिक रूप से औपचारिक परेड में सशस्त्र बलों का अग्रणी दस्ता रही है.

भारतीय वायु सेना का 'सिंदूर' फॉर्मेशन
भारतीय नौसेना और वायु सेना ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड में विशेष सिंदूर फॉर्मेशन का प्रदर्शन करके सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. इस फ्लाईपास्ट में 2 राफेल, 2 मिग-29, 2 सु-30 और 1 जगुआर ने 'स्पीयरहेड' फॉर्मेशन में उड़ान भरी, जो पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद मई की शुरुआत में चार दिनों तक चले ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना की भूमिका को समर्पित था. हालांकि कार्यक्रम का मुख्य विषय 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होना था, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख मार्ग कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को विशेष महत्व दिया गया.
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ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को प्रदान किया गया अशोक चक्र
राष्ट्रपति मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचा. उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से भी सम्मानित किया गया है.

आसमान को चीरता हुआ Apache helicopter

गणतंत्र दिवस परेड में शामिल सूर्यास्त्र और ब्रह्मोस

भारत के सुरक्षा बलों की क्षमता को दर्शाता 'सर्वत्र सुरक्षा' फॉर्मेशन
भारत के सुरक्षा बलों के समन्वय और शक्ति को दर्शाते हुए, 'सर्वत्र सुरक्षा' की टुकड़ी कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ रही है. सेना, नौसेना, वायु सेना और अर्धसैनिक इकाइयों के जवान सटीक संरचनाओं में मार्च कर रहे हैं, जो अनुशासन, परिचालन तत्परता और राष्ट्रीय सुरक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे हैं. दर्शक और गणमान्य व्यक्ति इस प्रदर्शन को देख रहे हैं, जो भारत की सीमाओं की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है.

कर्तव्य पथ पर उड़ती हुई 'गरुड़' और 'वायु' संरचनाएं
भारतीय वायु सेना कर्तव्य पथ पर सटीक समन्वय के साथ उड़ान भरते हुए 'गरुड़' और 'वायु' फॉर्मेशन के माध्यम से अपनी हवाई क्षमता का प्रदर्शन कर रही है. लड़ाकू विमान और सहायक विमान उच्च गति के करतब दिखा रहे हैं, जो दर्शकों और गणमान्य व्यक्तियों को रोमांचित कर रहे हैं. ये फॉर्मेशन भारत की उन्नत विमानन क्षमताओं को उजागर करते हैं और गणतंत्र दिवस समारोह में एक शानदार, देशभक्तिपूर्ण तत्व जोड़ते हैं.










