14वीं JPSC और CGL-2023 पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, सभी पक्षों को...
14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और JSSC-CGL 2023 में कथित गड़बड़ी की CBI जांच की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। अदालत ने झारखंड सरकार, CBI, केंद्र, JPSC और JSSC से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 11 सितंबर को संभावित है।

JSSC-CGL 2023: झारखंड की 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और JSSC-CGL-2023 में कथित गड़बड़ी और धांधली की CBI जांच की मांग अब देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुंच गई है। दिल्ली निवासी हरिशरण देवगन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आगामी 11 सितंबर को अगली सुनवाई होने की संभावना है। इस मामले में झारखंड सरकार को सीबीआई जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जारी नोटिस मिल चुका है। कोर्ट ने राज्य सरकार समेत सभी संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 11 नवंबर तक का समय दिया है।
चीफ जस्टिस की बेंच में 24 अगस्त को हुई थी पहली सुनवाई
इस जनहित याचिका पर 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉय माल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन जजों वाली बेंच में सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दोनों भर्ती परीक्षाओं में हुई बड़ी गड़बड़ियों को सामने रखते हुए निष्पक्ष एजेंसी यानी CBI से जांच कराने की मांग रखी।
CBI, केंद्र और राज्य सरकार समेत JPSC-JSSC को नोटिस जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने झारखंड सरकार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), केंद्र सरकार, JPSC और JSSC को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस की कॉपी हाथों-हाथ (Dasti Notice) देने की मंजूरी भी दी थी। कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार के वकील को उसी दिन नोटिस की कॉपी थमा दी गई थी। अब 11 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर राज्य के लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हैं।
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