सभी प्रखंडों में 6 से 10 जनवरी तक लगेगा स्वास्थ्य मेला, नागरिकों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उद्देश्य
झारखंड सरकार के निर्देश पर राज्य के प्रत्येक प्रखंडों में एक स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया जा रहा है. 6 से 10 जनवरी तक चलने वाले इस मेले का उद्देश्य है कि सभी नागरिकों को सुलभ तौर पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं.

JHARKHAND (RANCHI): राज्य सरकार के निर्देश पर 6 से 10 जनवरी तक सभी प्रखंडों में प्रखंड स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जाएगा. जिले में यह मेला 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 4 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों- नगड़ी, इटकी, राहे और खलारी में लगेगा.
स्वास्थ्य मेले के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी. मेले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों का टीकाकरण, गैर संचारी रोगों की जांच (बीपी-शुगर), टीबी, मलेरिया, फाइलेरिया एवं कुष्ठ रोग की जांच, नेत्र एवं दंत चिकित्सा, पोषण परामर्श, परिवार नियोजन सेवाएं तथा आयुष परामर्श निःशुल्क प्रदान किए जाएंगे.
वही इस अभियान में मोतियाबिंद जैसी बीमारियों का मुफ्त ऑपरेशन भी किया जाएगा . रांची सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करना है और लोगों को स्वस्थ करना है.
इसके अतिरिक्त ओपीडी सेवाएं, आवश्यक जांच, दवा वितरण, रेफरल सुविधा एवं स्वास्थ्य जागरुकता से संबंधित गतिविधियां भी संचालित होंगी. मेले को जनोपयोगी बनाने का प्रयास स्वास्थ्य मेले के सफल आयोजन को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति एवं प्रखंड स्वास्थ्य समितियों द्वारा व्यापक तैयारी की गई है.
जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ सहिया, एएनएम, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय सहभागिता से मेले को जनोपयोगी बनाने का प्रयास किया जा रहा है. निःशुल्क जांच और उपचार सेवा का लाभ लें सीएस इस संबंध में सिविल सर्जन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्वास्थ्य मेले में पहुंचकर निःशुल्क जांच व उपचार सेवाओं का लाभ उठाएं.
उन्होंने कहा कि मरीजों के लिए पर्याप्त दवाइयों, जांच सुविधाओं एवं रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. यह स्वास्थ्य मेला प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आमजन तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.
रिपोर्ट: तनय खंडेलवाल









