Naxatra News Hindi
Ranchi Desk: राजधानी रांची में विजयादशमी को लेकर तैयारियां जोरों से चल रही है. इस बार रांची ऐतिहासिक मैदान मोरहाबादी और अरगोड़ा मैदान में बेहद ही खास और भव्य रुप से रावण दहन का आयोजन किया जाने वाला है. इसे लेकर आयोजक समितियों ने तैयारी भी शुरू कर दी है. वहीं, इस बार दोनों ही जगह यानी मोरहाबादी और अरगोड़ा मैदान में आयोजित रावण दहन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे और रावण दहन कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. पहले मुख्यमंत्री मोरहाबादी मैदान में रावण दहन कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और इसके उपरांत वे अरगोड़ा मैदान पहुंचकर यहां भी रावण दहन कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे.
मोरहाबादी मैदान में शाम 4 बजे शुरू होगा कार्यक्रम
बता दें, मोरहाबादी मैदान में पंजाबी हिंदू बिरादरी की ओर से प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी रावण दहन का भव्य आयोजन किया जा रहा है. जिसे इस बार करीब 20 लाख रुपये की लागत तैयार किया गया है. आयोजकों के मुताबिक, पिछले वर्ष के मुकाबले पुतलों का आकार इस बार 5 फीट बड़ा रखा गया है. इसमें रावण का पुतला 70 फीट ऊंचा, कुंभकर्ण का पुतला 65 फीट ऊंचा और मेघनाद का पुतला 60 फीट लंबा बनाया गया है. इन पुतलों को गया जिले (बिहार) से आए 21 मजदूरों की टीम ने एक महीने की कठिन मेहनत करके बनाया है. पुतलों में इस्तेमाल किए गए पटाखे विशेष रुप से मुंबई से मंगवाए गए हैं, जो रावण दहन के दौरान दर्शकों को रोमांचित करेंगे. रावण दहन का कार्यक्रम 2 अक्तूबर 2025 (गुरुवार) को शाम 4 बजे से शुरू होगा. इस दौरान ढोल-नगाड़े, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आतिशबाजी के बीच शहर और आसपास के हजारों लोग महोत्सव का हिस्सा बनेंगे.
अरगोड़ा में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे CM
मोरहाबादी के अलावे इस बार अरगोड़ा मैदान में भी रावण दहन को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही है. यहां पुतलों का आकार कुछ कम होगा. लेकिन दर्शकों को आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा. इसमें 55 फीट रावण का पुतला, 50 फीट कुंभकर्ण का पुतला और 45 फीट मेघनाथ का पुतला बनाया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरगोड़ा मैदान के आयोजित इस समारोह में कुल 7 लाख रुपये की लागत आई है. यहां शाम 5 बजे से आतिशबाजी शुरू होगी और पूरा कार्यक्रम लगभग 7:30 बजे तक संपन्न कर दिया जाएगा.
रांची में 1948 से हुई थी दशहरा उत्सव की शुरूआत
विजयादशमी में रावण दहन कार्यक्रम समारोह को लेकर पंजाबी हिंदू बिरादरी के अध्यक्ष सुधीर उग्गल ने जानकार देते हुए बताया कि मोरहाबादी मैदान पर 4 भव्य हनुमान की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी. साथ ही यूपी (उत्तर प्रदेश) से लाई गई जीवंत राम-लीला झांकियां, रामायण की कला और कहानियों को दर्शाएंगी. इसके अलावे कार्यक्रम को 6 मिनट के रंगीन लेजर शो, तेज साउंड इफेक्ट्स और आतिशबाजी से और भी भव्य और मनमोहक बनाया जाएगा. जो लोगों के दिलों को छू जाएगा.
उन्होंने बताया कि राजधानी रांची में 1948 से दशहरा उत्सव के इतिहास की शुरूआत हुई थी, उस वक्त रांची कॉलेज परिसर में सिर्फ 10 फीट ऊंचे रावण का ही निर्माण कराया गया था. लेकिन समय के साथ-साथ यह आयोजन बड़ा होता गया और तत्पश्चात 1960 से विजयादशमी के दिन दशहरा के लिए मोरहाबादी मैदान को स्थायी स्थल माना गया.








