सऊदी अरब में गिरिडीह के प्रवासी मजदूर की मौत: 9 दिनों से पड़ा है द्वारिका महतो का शव, टूट रही परिवार की उम्मीद
द्वारिका महतो मूल रूप से गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत चिन्हों गांव के रहने वाले थे. हालांकि, पिछले कई सालों से वह घर जमाई के रूप में अपने ससुराल में रह रहे थे. बताया जाता है कि इसी महीने 20 जून को सऊदी अरब में ड्यूटी के दौरान उनकी अचानक मृत्यु हो गई थी.

Giridih News : बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का सपना लेकर खाड़ी देश सऊदी अरब गए गिरिडीह के एक प्रवासी मजदूर की मौत के बाद उनका परिवार बेहद गहरे संकट और मानसिक आघात से गुजर रहा है. पिछले नौ दिनों से सऊदी अरब में प्रवासी मजदूर द्वारिका महतो का पार्थिव शरीर पड़ा हुआ है, लेकिन प्रशासनिक और कागजी अड़चनों के कारण अब तक शव को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. ऐसे में गृह जिला गिरिडीह में रह रहे परिजनों की उम्मीदें भी अब धीरे-धीरे टूटती जा रही हैं कि वे आखिर किससे गुहार लगाएं, जिससे मृतक द्वारिका महतो के अंतिम दर्शन संभव हो सकें.
ड्यूटी के दौरान हुई मौत, कंपनी ने अब तक नहीं दिया मुआवजा
जानकारी के अनुसार, द्वारिका महतो मूल रूप से गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र अंतर्गत चिन्हों गांव के रहने वाले थे. हालांकि, पिछले कई सालों से वह घर जमाई के रूप में अपने ससुराल में रह रहे थे. बताया जाता है कि इसी महीने 20 जून को सऊदी अरब में काम (ड्यूटी) के दौरान उनकी अचानक मृत्यु हो गई थी. इस दुखद घटना के नौ दिन बीत जाने के बाद भी न तो द्वारिका का शव वापस झारखंड लौट सका है और न ही संबंधित कंपनी द्वारा पीड़ित परिजनों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या मुआवजे का भरोसा दिलाया गया है, जिससे परिवार में गहरा असंतोष और निराशा है.
साल 2005 से ही सऊदी अरब की 'केआईसी' कंपनी में कार्यरत थे द्वारिका
मृतक की पत्नी धनेश्वरी देवी ने अत्यंत भावुक मन से बताया कि उनके पति द्वारिका महतो घरेलू और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वर्ष 2005 में ही रोजगार की तलाश में सऊदी अरब चले गए थे. वे पिछले कई वर्षों से लगातार सऊदी अरब की प्रतिष्ठित कंपनी 'केआईसी' (KIC) में अपनी सेवाएं दे रहे थे. इतने लंबे सेवाकाल के बावजूद, ड्यूटी के दौरान हुई इस आकस्मिक मृत्यु के बाद कंपनी प्रबंधन का रवैया बेहद उदासीन बना हुआ है, जिससे मृतक की पत्नी और बच्चों के सामने भविष्य का एक बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
पार्थिव शरीर की वतन वापसी के लिए सरकार से गुहार
इस हृदयविदारक घटना के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह असहाय महसूस कर रहा है. ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से परिजनों ने राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. परिजनों की अपील है कि सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधकर 'केआईसी' कंपनी पर दबाव बनाया जाए, ताकि मृतक का बकाया वेतन और उचित मुआवजा जल्द से जल्द धनेश्वरी देवी को मिल सके और द्वारिका महतो के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके पैतृक गांव लाकर अंतिम संस्कार किया जा सके.
(गिरिडीह से मनोज की रिपोर्ट)
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