गिरिडीह के तिसरी में पूर्व सीएम मरांडी ने की ग्राम सभा, डीएफओ को दिया कड़ा अल्टीमेटम
मरांडी ने वन विभाग द्वारा जमीन घेराबंदी किए जाने वाले स्थलों का मुआयना किया. वही सभा में वन विभाग द्वारा ग्रामीणों की जमीन पर की जा रही घेराबंदी करके वृक्ष पर कड़ी नाराजगी जाहिर की.

JHARKHAND (GIRIDIH): गिरिडीह के तिसरी स्थित गुमगी में शुक्रवार को वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों के ग्राम सभा का आयोजन किया गया. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा विधायक बाबूलाल मरांडी भी शामिल हुए. मरांडी ने वन विभाग द्वारा जमीन घेराबंदी किए जाने वाले स्थलों का मुआयना किया. वही सभा में वन विभाग द्वारा ग्रामीणों की जमीन पर की जा रही घेराबंदी करके वृक्ष पर कड़ी नाराजगी जाहिर की.
उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि आपलोग अपनी खेती में फसल लगाएं, वही भरोसा दिलाया कि लड़ाई हम सब साथ मिलकर लड़ेंगे और जरूरत पड़ने पर मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा. इस दौरान डीएफओ मनीष तिवारी को कॉल करके पूर्व मुख्यमंत्री ने डीएफओ को हिदायत दिया कि मामले में गंभीरता पूर्वक संज्ञान लें, क्योंकि किसानों ने भूदान में जमीन लिया है और वर्षों से खेती करते आ रहे हैं. उन्होंने डीएफओ से कहा कि आप राज्य सरकार को लिखिए, फिर राज्य सरकार केन्द्र को लिखेगी, 200 लोगों से अधिक लोगों की जमीन है जो कई सालों से खेती करते आ रहे है.
कहा कि जल्द ही मामला नहीं सुलझाया गया तो फिर वन विभाग की टीम और ग्रामीणों में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, ऐसे माहौल से पूर्व मुख्यमंत्री ने डीएफओ को बचने का सुझाव दिया.
इस दौरान जिला परिषद सदस्य रामकुमार राउत ने कहा कि गुमगी गांव के ग्रामीण सैकड़ों वर्षों से उक्त जमीन पर खेती कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं. अचानक वन विभाग द्वारा जमीन की घेराबंदी कर वृक्ष लगाए जाने से ग्रामीणों के समक्ष गंभीर संकट खड़ा हो गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह जमीन छीन ली गई तो ग्रामीण आखिर कहां जाएंगे. ग्राम सभा में भाजपा नेता अशोक उपाध्याय, गुमगी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि महेश राउत, नागेश्वर यादव, राजू विश्वकर्मा, नरेश यादव, संदीप शर्मा, अनिल कुमार कई मौजूद थे.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू / आनंद बरनवाल









