Eid-ul-Fitr 2026: ईद मुबारक! दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जा रहा है. पाक माह रमजान की समाप्ति पर ईद का जश्न मनाया जाता है. ईद-उल-फितर का अर्थ होता है रोजा खोलने का त्योहार. शाब्दिक अर्थ पर यदि गौर करें तो 'ईद' का मतलब त्योहार और 'फितर' का तात्पर्य रोजा खोलना या दान से है.
ईद रमजान या रमादान के अंत का प्रतीक है. जिस पूरे महीने में इसे मानने वाले सूर्योदय होने से लेकर सूर्यास्त तक बिना अन्न-जल के रहते हैं. जिसे उपवास के रूप में जाना जाता है. सुबह सूर्योदय के पूर्व किए जाने वाले भोजन को सहरी और सूर्यास्त के समय किए जाने वाले भोजन को इफ्तार कहा जाता है.
रमजान के दौरान उपवास रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि मुसलमानों का मानना है कि इससे उन्हें अपने धर्म पर ध्यान केंद्रित करने और अल्लाह, या ईश्वर के करीब आने का मौका मिलता है.
ईद-उल-फितर की तारीख चंद्रमा के चक्र (cycle of the moon) द्वारा निर्धारित की जाती है.
भारत में कब मनायी जा रही है ईद?
लखनऊ की मरकजी चांद कमेटी और दिल्ली की जामा मस्जिद सहित विभिन्न धार्मिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 19 मार्च को चांद का दीदार भारत में न होने के कारण यह 21 मार्च को मनाई जाएगी. जबकि भारत के ही कुछ हिस्सों में ईद एक दिन पहले ही मना ली गई. बता दें, चूंकि केरल और तमिलनाडु में मिडिल ईस्ट के देशों के साथ चांद देखने की परंपरा है. इसलिए खाड़ी देशों (सउदी अरब, यूएई और कतर आदि) के साथ ही इन राज्यों में ईद का जश्न 20 मार्च को यानी पूरे भारत से एक दिन पूर्व ही मना लिया गया.
बेहद खास 'ईद की सेवई'
ईद को दोस्तों, परिजनों और अपने खास लोगों से मिलन के त्योहार के तौर पर भी मनाया जाता है. ठीक उसी प्रकार जैसे हिन्दुओं सहित अन्य धर्म के लोगों द्वारा होली का त्योहार मनाया जाता है. ईद के दिन सभी एक दूसरे के घर जाते हैं, ईद की मुबारकबाद देते हैं और विभिन्न मिठाइयों के बीच ईद पर खास तौर से बनाई जाने वाली सेवई का लुत्फ उठाते हुए जश्न मनाने की परंपरा का निर्वाह करते हैं.









