बेटी पर बुढ़ापे का सहारा छीनने का आरोप! बुजुर्ग माता-पिता ने लगायी गुहार
गया के अतरी थाना क्षेत्र में बुजुर्ग दंपती ने अपनी बेटी पर बिना जानकारी करीब 4.45 एकड़ जमीन दूसरे लोगों के नाम रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया है


गया: कहते हैं कि औलाद यशस्वी हो तो माता-पिता का जीवन संवर जाता है, लेकिन जब अपनों से ही सहारा छिनने लगे तो बुढ़ापे की जिंदगी बेहद मुश्किल हो जाती है। गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के पुनार गांव से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां बुजुर्ग दंपती बृजनंदन सिंह और उनकी पत्नी श्याम सुंदर देवी ने अपनी ही बेटी पर उनकी जानकारी के बिना करीब 4.45 एकड़ खेती की जमीन दूसरे लोगों के नाम रजिस्ट्री कराने का आरोपलगाया है।
दंपती का कहना है कि इस जमीन से होने वाली आमदनी से उनका घर चलता था और लंबे समय से चल रहे इलाज का खर्च भी निकलता था। जमीन की आमदनी बंद होने के बाद अब उनके सामने रोजमर्रा के खर्च और इलाज तक का संकट खड़ा हो गया है।
बेटी पर बिना जानकारी जमीन रजिस्ट्री कराने का आरोप
बुजुर्ग दंपती के मुताबिक, उन्होंने अपनी बेटी बिंदु देवी के दोनों बच्चों की शादी में अपनी क्षमता के अनुसार लाखों रुपये खर्च किए थे और परिवार की हरसंभव मदद की। उनका आरोप है कि इसके बावजूद बुढ़ापे के सहारे के तौर पर बची खेती की जमीन उनकी जानकारी के बिना दूसरे लोगों के नाम रजिस्ट्री कर दी गई।
श्याम सुंदर देवी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि जमीन से होने वाली आय बंद हो जाने के बाद उनके लिए जीवन-यापन मुश्किल हो गया है। दंपती का कहना है कि उनकी उम्र बढ़ने के साथ इलाज की जरूरत भी बनी रहती है और जमीन ही उनकी आर्थिक निर्भरता का मुख्य साधन थी।
जमीन पर जाने से रोकने का भी आरोप
पीड़ित दंपती का आरोप है कि जमीन खरीदने वाले लोग अब उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब वे अपनी जमीन पर जाने की कोशिश करते हैं तो उन्हें कथित तौर पर रोका जाता है और गाली-गलौज कर वहां से भगा दिया जाता है।इन घटनाओं के बाद बुजुर्ग दंपती खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर न तो उनके पास नियमित आमदनी का कोई दूसरा साधन है और न ही जमीन के विवाद को खुद संभालने की स्थिति।
IG से लगाई न्याय की गुहार
मामले से परेशान बुजुर्ग दंपती ने आईजी से मुलाकात कर लिखित आवेदन सौंपा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जमीन को लेकर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। दंपती का कहना है कि अगर जमीन वापस मिलती है या विवाद का उचित समाधान होता है तो वे दोबारा अपनी खेती की आमदनी से घर का खर्च और इलाज चला सकेंगे। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मामले की जांच कर जमीन की रजिस्ट्री और कब्जे से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल मामले में जमीन की रजिस्ट्री किन परिस्थितियों में हुई, दस्तावेजों में किसके नाम जमीन दर्ज है और दंपती के आरोपों की वास्तविकता क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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