
रिपोर्ट:- सत्यव्रत किरण
रांची: रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) का ब्लड बैंक इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रहा है। यहां खून की भारी कमी देखने को मिल रही है, जिससे मरीजों के परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
नक्षत्र न्यूज ने ब्लड बैंक का किया पड़ताल नक्षत्र न्यूज़ की टीम जब रिम्स ब्लड बैंक पहुंची तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। ब्लड बैंक लगभग खाली दिखाई दिया और कई काउंटरों पर सन्नाटा पसरा हुआ था।ब्लड कलेक्शन और वितरण काउंटर पर भी ज्यादा गतिविधि नहीं दिखी। डॉक्टर ऑन ड्यूटी का नोटिस लगा हुआ था, लेकिन कई कुर्सियां खाली पड़ी थीं।
चाइबासा के कैंसर मरीज को ब्लड नहीं मिला
चाइबासा से ब्लड लेने पहुंचे कैंसर मरीज जानकी पूर्ति के परिजन रोहित ने बताया कि उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा..उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में इस तरह का होना दिक्कत है।जब खून नहीं मिल पा रहा तो..यह कैसा सेवा.. मैं अपने साथ डोनर भी लेकर आया फिर खून नहीं मिल क्योंकि स्टॉक नहीं है...इतने दूर चाइबासा से गाड़ी भाडा कर कर आए कि खून चढ़ जाएगा...मगर कोई फायदा नहीं हुआ...
गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल खून नीतू कुमारी गर्भवती महिला के मरीज रौशन कुमार को जब खून नहीं मिला तो उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक से कहा गया कि ब्लड नहीं है।जबकि प्रसव करने वाले डाक्टरों ने ब्लड अरेंज करने को कहा है।अब कोई और उपाय कारण होगा। सोच कर आए थे कि सरकारी हैं पूरा सुविधा मिलेगा।
डायलिसिस मरीज के परिजन ने उठाए सवाल वहीं रिम्स के मेडिसिन विभाग में भर्ती डायलिसिस के मरीज लोकनाथ साव के परिजन अनिकेत कुमार ने कहा कि यहां ब्लड बैंक के नाम पर खून बदलकर नहीं दिया जा रहा है। उनसे कहा जा रहा है कि उसी ब्लड ग्रुप का डोनर लेकर आएं। उन्होंने बताया कि दो–तीन दिनों तक उन्हें उसी ग्रुप का डोनर नहीं मिल पाया। बाद में पहचान के एक व्यक्ति को, जो उसी ग्रुप के दाता थे, खोजकर लेकर आए और रक्तदान कराया। लेकिन अब ब्लड बैंक की ओर से कहा जा रहा है कि खून मिलने में 24 घंटे लगेंगे।अनिकेत कुमार का कहना है कि कभी यह भी कहा जाता है कि अगर कोई इमरजेंसी केस आ गया तो वह ब्लड दूसरे मरीज को दे दिया जाएगा। जबकि डॉक्टर ने उनके मरीज के लिए अर्जेंट ब्लड लाने को कहा है, क्योंकि उनके मरीज का ऑपरेशन होना है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर रक्तदान के बाद यह खून जाता कहां है। प्राइवेट अस्पतालों में ब्लड उपलब्ध रहता है, लेकिन सरकारी अस्पताल में क्यों नहीं मिलता।
रिम्स ब्लड बैंक की प्रमुख डॉ सुषमा ने रक्तदान करने का अपील किया
इस पूरे मामले पर रिम्स ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. सुषमा ने बताया कि हाल के दिनों में स्वैच्छिक रक्तदान और रक्तदान शिविर में कमी के कारण ब्लड की कमी हो गई है।उन्होंने कहा कि अस्पताल की ओर से मरीजों के परिजनों को ब्लड उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश की जा रही है, लेकिन स्टॉक कम होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं।डॉक्टर का कहना है कि अगर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर नियमित रूप से आयोजित हों तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता है।साथ सभी से रक्तदान करने की अपील भी किया।
नक्षत्र न्यूज की समाज से अपील
नक्षत्र न्यूज़ अपने दर्शकों से अपील करता है कि आगे आएं और स्वैच्छिक रक्तदान करें, ताकि ब्लड बैंकों में खून की कमी दूर हो सके और जरूरतमंद मरीजों को समय पर मदद मिल सके।






