ज्ञान भारती मिशन के तहत पौराणिक कथा एवं पांडुलिपियों की संरक्षण अभियान की शुरुआत
ज्ञान भारती मिशन के तहत केवल प्राचीन ज्ञान भंडार को संरक्षित करने के उद्देश्य से उनका संरक्षण एवं डिजिटलीकरण कराते हुए उनमें निहित ज्ञान को अनुसंधान, अनुवाद एवं प्रकाशन के द्वारा विश्व पटल पर प्रस्तुत करने से है.

Buxar (Bihar): पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटाईजेशन तथा इसमें समाहित भारतीय ज्ञान परंपरा को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने हेतु भारत सरकार के फ्लैग्शिप पहल के रूप में "ज्ञान भारतम मिशन" के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जिला अधिकारी साहिला की अध्यक्षता में सीताराम उपाध्याय संग्रहालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया.
बक्सर के जिला अधिकारी साहिला ने बताया कि बक्सर जिलान्तर्गत सरकारी एवं गैर सरकारी समस्त संस्थाओं (मठ, मंदिर, शैक्षणिक संस्थान, निजी संगठन, पुस्तकालय आदि) व व्यक्तियों, जिनके पास पाण्डुलिपियो का संग्रह हो, को चिन्हित कराते हुए उनकी सूची तैयार की जाएगी एवं साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी. पाण्डुलिपि का तात्पर्य कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा, धातु आदि पर हाथ से लिखे गए ग्रंथ/पुस्तक जो न्यूनतम 75 वर्ष प्राचीन हो, से है.
अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर तैयार की जाने वाली सूची में संस्था व व्यक्ति का नाम, संस्था के प्रभारी का नाम, ई-मेल एवं मोबाईल नं तथा पाण्डुलिपियों की अनुमानित संख्या एवं अवधि का स्पष्ट उल्लेख करना सुनिश्चित करेंगे. प्रत्येक केंद्र तथा व्यक्ति के पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों की सूची भी संकलित करने को कहा.
ज्ञान भारतम मिशन" के अंतगर्त पाण्डुलिपियां, संग्रहकर्ता संस्था अथवा व्यक्ति के अधिकार में ही रहेंगे. मिशन का उद्देश्य केवल प्राचीन ज्ञान भंडार को संरक्षित करने के उद्देश्य से उनका संरक्षण एवं डिजिटलीकरण कराते हुए उनमें निहित ज्ञान को अनुसंधान, अनुवाद एवं प्रकाशन के द्वारा विश्व पटल पर प्रस्तुत करना है.
रिपोर्ट- गिरीश शंकर
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