Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया है. यह उनका अपना 9वां बजट है. बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री ने इसे पूर्वोत्तर राज्यों की सूरत बदलने वाला बताया. इस बजट में पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन क्षेत्र में विकास के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. पूर्वोत्तर के राज्यों के बुनियादी ढांचे, उद्योग और पर्यटन को डेवलप करने की मंशा से 'मिशन पूर्वोदय' के अंतर्गत लाया गया है.
मिशन पूर्वोदय
पूर्वोदय योजना - जिसे मिशन पूर्वोदय के नाम से भी जाना जाता है - भारत के पूर्वी क्षेत्र के त्वरित विकास पर केंद्रित एक सरकारी पहल है, जिसमें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। इस मिशन का उद्देश्य इन राज्यों को आत्मनिर्भर बनाना है.
चार हजार चलाई जाएंगी ई-बसें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बज़ट पेश करते हुए कहा कि, "केंद्र सरकार की ‘मिशन पूर्वोदय’ (Mission Purvodaya) योजना से अब पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने प्रस्ताव रखा कि दुर्गापुर में बेहतर रोड कनेक्टिविटी के साथ एक इंटिग्रेटेड ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. इसके साथ ही पूर्वोदय से जुड़े पांच राज्यों में 5 प्रमुख पर्यटन स्थलों को डेवलप किया जाएगा. इसके अलावा शहरी परिवहन (अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) को मजबूत करने के लिए 4,000 ई-बसें (Electric Buses) चलाई जाएंगी."
पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में होगा सहायक
इस योजना का उद्देश्य पूर्वी भारत में मौजूद खनिज संसाधनों का बेहतर उपयोग कर एक इंटिग्रेटेड स्टील हब तैयार करना है. बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, ह्यूमन रिर्सोसेज डेवलप करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर है. सरकार का मानना है कि मिशन पूर्वोदय न सिर्फ इस क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर बदलेगा, बल्कि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाएगा.









