Zomato के CEO ने दिया इस्तीफा, जानें क्या है वजह.. कौन संभालेगा अब ये पद?
दीपिंदर गोयल ने सीईओ के पद से इस्तीफा दे दिया है, इसका कारण उन्होंने कंपनी को लेकर प्लानिंग बताया है. सीईओ का पदभार अब अलबिंदर ढींडसा को सौंपा गया है.

Zomato CEO Change: गिग वर्कर्स की जॉब से संबंधित बीते कुछ दिनों से पूरे देश में चर्चाएं चल रही थी. इसी बीच बुधवार को खबर आती है कि Zomato के CEO दीपिंदर गोयल ने इस्तीफा दे दिया है, जिन्हें Zomato के मालिक के तौर पर भी जाना जाता है. यह जानकारी गोयल ने खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के जरिए ट्वीट कर साझा की. उन्होंने बताया कि अब वे कंपनी के वाइस चेयरमैन की भूमिका निभाते नजर आएंगे, वही नए सीईओ का पदभार अलविंदर ढींडसा को सौंपा गया है.
कंपनी के ग्रोथ में दीपिंदर की भूमिका अहम
दीपिंदर गोयल का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब एटर्नल ग्रुप अपने विस्तार और रणनीतिक पुनर्गठन के दौर से गुजर रहा है. गोयल ने अपने कार्यकाल के दौरान कंपनी को मजबूती देने, नई बिजनेस रणनीतियां लागू करने और प्रतिस्पर्धी बाजार में ग्रुप की मौजूदगी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. उनके नेतृत्व में एटर्नल ग्रुप ने कई अहम फैसले लिए, जिनका असर कंपनी की दीर्घकालिक ग्रोथ पर देखने को मिला.
क्यों छोड़ा सीईओ का पद!
गोयल ने अपने फैसले के पीछे की वजह भी विस्तार से बताई. उन्होंने कहा कि हाल के समय में वे कुछ ऐसे नए आइडियाज पर काम करना चाहते हैं, जिनमें ज्यादा जोखिम, प्रयोग और खोज शामिल है. ऐसे प्रयोग किसी पब्लिक कंपनी के दायरे में फिट नहीं बैठते. उन्होंने साफ किया कि अगर ये विचार एटर्नल के रणनीतिक दायरे में होते, तो वे इन्हें कंपनी के भीतर ही आगे बढ़ाते. लेकिन ऐसा नहीं है. ऐसे में यह जरूरी था कि एटर्नल पूरी तरह फोकस्ड और डिसिप्लिन्ड रहे.
गोयल ने यह भी माना कि भारत में एक पब्लिक कंपनी के CEO पर कानूनी और अन्य जिम्मेदारियों का दबाव होता है, जिसके लिए पूरी तरह एकाग्रता जरूरी होती है. यही कारण है कि यह बदलाव किया गया.
"लॉन्ग टर्म प्लानिंग का है हिस्सा"
दीपिंदर गोयल ने साफ किया कि यह फैसला कंपनी से दूरी बनाने का नहीं है. उन्होंने लिखा कि उन्होंने अपने जीवन के 18 साल, यानी लगभग आधी जिंदगी, इस कंपनी को बनाने में लगा दी है और वे आगे भी इससे जुड़े रहेंगे. उन्होंने कहा, "वे कंपनी की लॉन्ग टर्म स्ट्रैटेजी, कंपनी कल्चर, लीडरशिप डेवलपमेंट और एथिक्स व गवर्नेंस से जुड़े फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे."
गोयल ने यह भी भरोसा दिलाया कि अलबिंदर ढींडसा, अक्षांत और वे पहले की तरह मिलकर काम करते रहेंगे और सभी बिजनेस CEO को वही स्वायत्तता मिलेगी, जो अब तक मिलती रही है.

अलबिंदर ढींडसा ही क्यों?
गोयल ने अलबिंदर ढींडसा की तारीफ करते हुए लिखा कि Blinkit को अधिग्रहण से लेकर ब्रेकईवन तक पहुंचाने में ढींडसा की अहम भूमिका रही है. उन्होंने टीम, सप्लाई चेन, कल्चर और ऑपरेशनल सिस्टम को मजबूत किया. गोयल के मुताबिक, अलबिंदर एक “battle-hardened founder” हैं और उनकी एग्जीक्यूशन क्षमता बेहद मजबूत है.









