Delhi News: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए विपक्षी गठबंधन एक बड़ा कदम उठाया है. दरअसल, विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का नोटिस सौंप दिया है. इस नोटिस में लोकसभा के 130 सदस्यों और राज्यसभा के कुल 63 सासंदों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं. नियमों के मुताबिक, नोटिस के लिए लोकसभा में कम से कम 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों का समर्थन आवश्यक होता है. जिसमें 193 सासंदों का हस्ताक्षर जुटाते हुए विपक्ष ने यह जरूरी आंकड़ा भी पार कर लिया है.
विपक्ष ने दोनों सदनों में जुटाया सांसदों का समर्थन
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए विपक्ष ने बड़ी संख्या में सांसदों का समर्थन जुटाया है. नोटिस में लोकसभा के 130 सदस्यों और राज्यसभा के कुल 63 सासंदों ने अपनी सहमति देकर दस्तखत किए हैं संवैधानिक तौर पर नोटिस देने के लिए आवश्यक न्यूनतम सीमा से यह संख्या बल काफी अधिक है. इस मुद्दे पर विपक्षी दल के सदस्य एकजुट दिख रहे हैं. आपको बता दें, विपक्षी गठबंधन मे बजट सत्र के दौरान यह कदम उठाया है जिसमें चुनाव आयोग के काम-काजों पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगे मुख्य 3 आरोप
SIR में संविधान को नहीं मानना.
मतदाता से वोट अधिकार छीनना.
राजनीतिक दलों के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया, दुर्व्यवहार साबित हुआ. (जब उनसे मिलने TMC नेता गए तो दुर्व्यवहार किया).
14 मार्च को पेश किया जाएगा नोटिस
TMC की अगुवाई में विपक्षी दल का महाभियोग नोटिस लोकसभा सचिवालय को मिल गया है. अब जल्द ही नोटिस की जांच पड़ताल की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. बता दें, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कई आरोप लगाए गए हैं जिसमें देश के सर्वोच्चतम न्यायालय (Supreme Court) के फैसलों का हवाला दिया गया है. आधिकारिक तौर पर यह नोटिस कल यानी शनिवार (14 मार्च 2026) को पेश किया जाएगा. इसे लेकर नोटिस के 2 भिन्न-भिन्न सेट तैयार कर लिए गए हैं.
तैयार किए गए नोटिस के दो अलग-अलग सेट
विपक्ष ने संसदीय प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए 2 भिन्न-भिन्न सेट में नोटिस तैयार किया हैं. जिसमें पहला सेट लोकसभा के लिए, जिसमें 100 लोकसभा सदस्यों की जरूरत के मुकाबले 130 हस्ताक्षर हैं. जबकि दूसरा सेट राज्यसभा के लिए तैयार हुआ है जिसमें 50 राज्यसभा सांसदों की जरूरत के मुकाबले 63 सांसदों ने अपनी सहमति दी है. अब यह पूरा मामला संसद की कार्यवाही का हिस्सा बनने के लिए बिल्कुल तैयार है. विपक्ष गठबंधन यह नोटिस कल यानी शनिवार को सर्व करने की तैयारी में है.





