दर्द से तड़पती रही प्रसूता, ‘डॉक्टर को बुलाते रहे, कोई नहीं आया’..सदर अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत!
सासाराम सदर अस्पताल के MCH वार्ड में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टर के मौजूद नहीं रहने और नर्सों के भरोसे इलाज होने का आरोप लगाया है। अस्पताल ने जांच कमेटी गठित की है।


सासाराम: रोहतास सदर अस्पताल के मातृ एवं शिशु अस्पताल (MCH) में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, वहीं एसडीएम प्रिया रानी ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति संभाली। मृतका की पहचान शिवसागर थाना क्षेत्र के कुसही गांव निवासी नीतीश पासवान की पत्नी आशा देवी के रूप में हुई है।
‘डॉक्टर को बुलाते रहे, लेकिन कोई नहीं आया’
मृतका के परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान MCH वार्ड में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और इलाज नर्सों के भरोसे चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, प्रसूता लगातार दर्द से परेशान थी और वे डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर चिकित्सकीय मदद नहीं मिली। परिजनों का दावा है कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण प्रसूता और उसके नवजात दोनों की मौत हो गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मौत के बाद अस्पताल में हंगामा
जच्चा-बच्चा की मौत की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचीं एसडीएम प्रिया रानी ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आंतरिक जांच कमेटी गठित कर दी है। जांच में यह देखा जा रहा है कि ड्यूटी रोस्टर के अनुसार उस समय कौन डॉक्टर तैनात था और डॉक्टर की मौजूदगी को लेकर क्या स्थिति थी। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि जच्चा-बच्चा की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और क्या इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी।
(रोहतास से विकास चंदन की रिपोर्ट)

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