नवादा में अंधविश्वास की हद! महिला को ‘डायन’ बताकर चिता में जलाने की कोशिश
नवादा के सिरदला में अंतिम संस्कार के दौरान एक महिला पर डायन होने का आरोप लगाकर उसे कथित तौर पर चिता के साथ जलाने की कोशिश की गई। सूचना मिलते ही पहुंची डायल-112 की टीम ने महिला को भीड़ के बीच से सुरक्षित निकाल लिया।


नवादा: नवादा के सिरदला थाना क्षेत्र से अंधविश्वास और भीड़ की हिंसा का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया। यहां एक महिला पर डायन होने का आरोप लगाकर उसे चिता के साथ जलाने की कोशिश की गई। महिला की जान उस वक्त बची, जब सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंच गई और उसे भीड़ के बीच से निकालकर बाहर सुरक्षित थाने ले आई।
जानकारी के मुताबिक, रविवार को गांव के अजय मांझी की पत्नी दासो देवी की मौत हो गई थी। अगले दिन परिवार और ग्रामीण शव का अंतिम संस्कार करने श्मशान घाट पर पहुंचे थे। अंतिम संस्कार की तैयारी चल ही रही थी कि कुछ लोगों ने गांव की एक महिला को भी वहां बुला लिया। आरोप है कि महिला पर दासो देवी की मौत के लिए जिम्मेदार होने और डायन होने का आरोप लगाया गया। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया और भीड़ ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उसे चिता के साथ ही जलाने की भी कोशिश की गई।
महिला पर लगा डायन होने का आरोप
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले दासो देवी और आरोपी बनाई गई महिला के बीच किसी बात को लेकर बहस छिड़ गई था। इसके अगले दिन दासो देवी की तबीयत खराब हुई और करीब दो दिन बाद ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद गांव में कुछ लोगों ने महिला को उसकी मौत का कारण बना दिया। सोमवार को जब दासो देवी के अंतिम संस्कार के लिए लोग श्मशान घाट पहुंचे, तो महिला को भी वहां बुलाया गया।
112 की टीम पहुंची तो बची महिला की जान
मामले की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम के सिपाही महफूज आलम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने भीड़ के बीच से महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे सिरदला थाना ले गई। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल महिला की ओर से थाने में लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आखिर अंधविश्वास के नाम पर किसी इंसान की जान लेने की कोशिश तक लोग कैसे पहुंच जाते हैं। अब पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला के साथ मारपीट और उसे चिता में जलाने की कोशिश में कौन-कौन लोग शामिल थे।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि आखिर अंधविश्वास के नाम पर किसी इंसान की जान लेने की कोशिश तक लोग कैसे पहुंच जाते हैं। अब पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला के साथ मारपीट और उसे चिता में जलाने की कोशिश में कौन-कौन लोग शामिल थे।

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