वीबी-जीरामजी के खिलाफ कांग्रेस का मनरेगा बचाओ अभियान, रांची में निकाली पदयात्रा, भाजपा ने कहा-कांग्रेस को राम के नाम से ही नफरत
कांग्रेस अगले 45 दिनों तक मनरेगा के मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चला रही है. इसके तहत पहले चरण में 10 जनवरी को जिला कांग्रेस कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और 11 जनवरी को जिला मुख्यालय/गांधी/अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष एक दिन का उपवास कार्यक्रम है.

Jharkhand(Ranchi): मनरेगा की जगह आए केंद्र सरकार के नए कानून वीबी-जीरामजी के खिलाफ कांग्रेस मनरेगा बचाओ अभियान चला रही है. इसके तहत रांची में मोरहाबादी बापू वाटिका से लोकभवन तक पार्टी ने पदयात्रा निकाली. गौरतलब है कि अगले 45 दिनों तक कांग्रेस मनरेगा के मुद्दे पर देशव्यापी अभियान चला रही है. इसके तहत पहले चरण में 10 जनवरी को जिला कांग्रेस कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और 11 जनवरी को जिला मुख्यालय/गांधी/अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष एक दिन का उपवास कार्यक्रम है. दूसरे चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर चौपाल का आयोजन होगा. 
कांग्रेस कार्यकर्ता घूम-घूम कर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे की चिट्ठी ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक और मनरेगा मजदूरों को सौंपेंगे. 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के दिन वार्ड स्तर पर धरना दिया जाएगा. तीसरे चरण में जिला मुख्यालयों पर मनरेगा बचाओ धरना दिया जाएगा. 7 से 15 फऱवरी तक विधानसभाओं का घेराव किया जाएगा, जबकि 16 से 25 फरवरी के बीच चार बड़ी रैलियों का आयोजन होगा, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे बड़े नेता शिरकत करेंगे. कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ग्रामीण रोजगार को नष्ट करने का कानून लेकर आई है.
‘विकसित भारत की दिशा में यह एक मजबूत कदम साबित होगा’
बीजेपी का दावा है कि सरकार गरीब कल्याण के लिए यह योजना लेकर आई है. लेकिन कांग्रेस को राम के नाम से नफरत है. ये लोग नहीं चाहते कि राम का नाम गांव तक जाए. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वीबी-जीरामजी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाकर करोड़ों परिवारों को आत्मनिर्भर बनाएगा और विकसित भारत की दिशा में यह एक मजबूत कदम साबित होगा. एक्स पर किए अपने पोस्ट में श्री मरांडी ने कहा कि इससे गरीब और वंचित परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव आएगा. बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और गांवों में आय के स्थायी अवसर बढ़ने से पलायन पर अंकुश लगेगा. 
‘कांग्रेस ने तय कर लिया है कि जहां भी भगवान राम का नाम आएगा, वहां विरोध किया जाएगा’
कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस ने यह तय कर लिया है कि जहां भी भगवान राम का नाम आएगा, वहां विरोध किया जाएगा.. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोगों को गुमराह करने और झूठ फैलाने का काम कर रही. आदित्य साहू ने कहा कि अब देश कांग्रेस मुक्त हो चुका है और बचे-खुचे कांग्रेसी भी जल्द ही समाप्त हो जाएंगे. उन्होंने बताया कि योजना में सौ से एक सौ पच्चीस दिन रोजगार का प्रावधान है, घोटाले रोकने के लिए पारदर्शिता लाई गई है और इसे AI व जियो टैग से जोड़ा जा रहा है, ताकि मजदूरों को अधिक रोजगार मिल सके.
‘कांग्रेस को राम के नाम से ही नफरत’
इधर वीबी-जीरामजी को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक अनंत ओझा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी ने काम के बदले अनाज योजना लाया. कांग्रेस सरकार आई, तब मनरेगा योजना लाई. आज जब मोदी सरकार सौ दिन के बदले एक सौ पच्चीस दिन काम की गारंटी दे रही है. पचास प्रतिशत पंचायत और ग्राम सभा को वहां की योजनाओं को चलाने का अधिकार दिया है, तो कांग्रेस के पेट में दर्द हो रहा है. उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण को देखते हुए मोदी सरकार ने यह योजना लाई है. कांग्रेस को राम के नाम से ही नफरत है. महात्मा गांधी की मृत्यु के समय भी “हे राम” सूत्र वाक्य रहा. ये लोग नहीं चाहते कि राम का नाम गांव तक जाए, इसलिए यह प्रदर्शन कर रहे हैं.









