सीएम ने NSMCH का किया भव्य उद्घाटन, कहा- झारखंड बनेगा मेडिकल हब, अगले 4 साल में होंगे 20 मेडिकल कॉलेज
सरायकेला के आदित्यपुर में सीएम द्वारा सुभाष मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन किया गया. इस दौरान उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा कि झारखंड सरकार का लक्ष्य है कि आगले चार वर्षों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 4 से बढ़ाकर 20 कर दी जाएगी.

JHARKHAND (SARAIKELA): कोल्हान प्रमंडल की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नया और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने शुक्रवार दोपहर सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में 'नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल' का औपचारिक उद्घाटन किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए भविष्य बदलने वाला कदम बताया.

‘कोल्हान के लिए ऐतिहासिक क्षण’
दोपहर करीब 1:20 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री का स्वागत राष्ट्रगान और पारंपरिक वंदना के साथ किया गया. संस्थान के चैयरमैन एम.एन. सिंह ने गणमान्य अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया. उद्घाटन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, आज का दिन कोल्हान के लिए ऐतिहासिक है. सरायकेला में एक उच्चस्तरीय मेडिकल कॉलेज का सपना आज हकीकत बन गया है. यह संस्थान न केवल शिक्षा देगा, बल्कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी समाज की सेवा के लिए डॉक्टर तैयार करेगा. उन्होंने कहा कि इस कॉलेज के खुलने से कोल्हान क्षेत्र के लोगों को अब बेहतर इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और राज्य में चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलेगी. उन्होंने संस्थान द्वारा नर्सिंग और डिग्री कॉलेज के क्षेत्र में किए गए पुराने कार्यों की भी प्रशंसा की.

‘राज्य में बढ़ेगी मेडिकल कॉलेजों की संख्या’
मुख्यमंत्री ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर दूरगामी लक्ष्य साझा किए. उन्होंने बताया कि वर्तमान में झारखंड में 10 मेडिकल कॉलेज हैं, लेकिन सरकार का लक्ष्य आगामी 4 वर्षों में इस संख्या को बढ़ाकर 20 करने का है. उन्होंने जानकारी दी कि चाईबासा, कोडरमा और बोकारो में सरकारी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. मुख्यमंत्री ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि जब वे डॉक्टर बनकर निकलें, तो समाज की उम्मीदों पर खरा उतरें.

मीडिया से सकारात्मक रिपोर्टिंग की अपील
कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने झारखंड के मेडिकल सिस्टम में सुधार का भरोसा दिलाया. उन्होंने घोषणा की कि सरकार अब पूरे राज्य में थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों का व्यापक सर्वे कराएगी. उन्होंने कहा, अब तक हमारे मरीजों को इन बीमारियों के जटिल इलाज के लिए दूसरे राज्यों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब झारखंड के ही अस्पतालों में इनका पुख्ता इलाज सुनिश्चित किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से सकारात्मक रिपोर्टिंग की अपील करते हुए कहा कि वे व्यवस्था को ठीक करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

संस्थान का सफर और बुनियादी ढांचा
कॉलेज के चैयरमैन एम.एन. सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के सहयोग से 2022 जियाडा के माध्यम से भूमि आवंटित हुई थी. यह मेडिकल कॉलेज फिलहाल 100 एमबीबीएस सीटों के साथ शुरू हुआ है और यहां अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. स्वास्थ्य सचिव अजय सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जमशेदपुर के आसपास यह तीसरा मेडिकल कॉलेज है, जो इस औद्योगिक क्षेत्र की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करेगा. कार्यक्रम में सांसद जोबा मांझी, विधायक सविता महतो, दशरथ गागराई समीर मोहंती एवं सोमेश सोरेन भी मौजूद थे.









