20 नवंबर 2026 तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपए निवेश का लक्ष्य: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुंगेर जिला के असरगंज प्रखंड अंतर्गत अमैया पंचायत के बैजलपुर गांव स्थित काली मंदिर प्रांगण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 133वें एपिसोड को सुना.

Munger / Bihar (Report By- Sumit Kumar): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज, रविवार (26 अप्रैल 2026) को विमान से मुंगेर जिला पहुंचे, जहां उन्होंने असरगंज प्रखंड अंतर्गत अमैया पंचायत के बैजलपुर गांव स्थित काली मंदिर प्रांगण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड को सुना. इस मौके पर उनके साथ बीजेपी विधायक कुमार प्रणय, प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर, एसपी सैयद इमरान मसूद सहित बड़ी संख्या में एनडीए कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहें. 
पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम के समापन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पहली बार अपने गृह क्षेत्र से विधायक बनने और पहली बार ही बिहार का मुख्यमंत्री बनने का अवसर उनके लिए गर्व के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बिहार को तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ाना और प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करना है. अभी कई चीजें हमने फैसला लिया है पूरे प्रदेश में ब्लॉक की स्थिति थोड़ी गड़बड़ थी तो हमने कहा मुख्यमंत्री कार्यालय, ब्लॉक, अंचल और थाने को मॉनिटरिंग करने का काम करेंगे. 
मौके पर मुख्यमंत्री ने ‘सहयोग कार्यक्रम’ की घोषणा करते हुए बताया कि अब हर पंचायत में प्रत्येक माह दो दिन विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां आम जनता की समस्याओं, जैसे राशन कार्ड, पेंशन, दाखिल-खारिज, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मौके पर समाधान किया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई भी फाइल एक महीने से अधिक लंबित रहती है, तो संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. विकास कार्यों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सड़क, बिजली, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों को अब और तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने बताया कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना के साथ-साथ सरकार हर घर तक सोलर ऊर्जा पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि लोगों को भविष्य में ऊर्जा के लिए सरकार पर निर्भर नहीं रहना पड़े.
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास के लिए कई अहम घोषणाएं कीं. उन्होंने डोल पहाड़ी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने, देवघड़ा पहाड़ के लिए 26 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने, सुल्तानगंज जाने वाली सड़क को फोरलेन बनाने और मुंगेर से भागलपुर तक मरीन ड्राइव निर्माण की योजना का जिक्र किया. इसके साथ ही बाढ़ की समस्या से निपटने और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गंगा जल को विभिन्न नदियों, डैम और झीलों तक पहुंचाने की योजना पर तेजी से काम किए जाने की बात कही. रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 20 नवंबर 2026 तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है. पीरपैंती में बड़े पावर प्लांट सहित कई औद्योगिक परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं, जिससे युवाओं को राज्य में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे. उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि बिहार के लोगों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़े.
अतिक्रमण पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि किसी ने सरकारी भूमि पर निर्माण किया है, तो उसे हटाया ही जाएगा, चाहे वह किसी का भी हो. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तारापुर में उनके अपने घर की सीढ़ी तक प्रशासन द्वारा तोड़ी जा रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि कानून सबके लिए समान है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को सुंदर, व्यवस्थित और विकसित बनाने के लिए अतिक्रमण हटाना आवश्यक है और इसमें किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सरकारी जमीन पर कब्जा न करें और विकास कार्यों में सहयोग करें. उन्होंने किसानों की समृद्धि को राज्य की मजबूती का आधार बताते हुए कहा कि जब तक किसानों की आय नहीं बढ़ेगी, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है. इसके लिए सिंचाई, बिजली और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है. मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्षेत्र की जनता का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें ऐतिहासिक समर्थन मिला है और वे इस विश्वास पर खरा उतरने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के सभी अधूरे सपनों को पूरा किया जाएगा और बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा.
अपने संबोधन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ढोल पहाड़ी के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने दुर्गा मंदिर पहुंचकर पूजा- अर्चना की. इसके बाद सीएम ने ढोल पहाड़ी के समीप आगमन एवं इको टूरिज्म योजना का शिलान्यास किया. मुख्यमंत्री ने लगभग 12. 49 करोड़ रूपए की इको टूरिज्म का शिलान्यास किया. शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री अपने गांव लखनपुर के लिए रवाना हुए. जिसके बाद वे तारापुर स्थित सिंचाई प्रमंडल तारपुर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे. यहां वे आमजन द्वारा सम्मान समारोह में हिस्सा लेंगे उसके बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे, बैठक के बाद तेलडीहा मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे उसके बाद माहपुर में यज्ञ में हिस्सा लेकर वहीं पर बने हेलीपेड से पुनः पटना के लिए प्रस्थान करेंगे.
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