Simdega (Jharkhand): सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड स्थित ऐतिहासिक रेंगारिह कैथोलिक चर्च (संत एंथोनी चर्च) पर्यटन से जोड़ेने और इसकी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में सिमडेगा जिला प्रशासन ने एक नई पहल शुरू कर दी है. इसी क्रम सोमवार, 9 मार्च 2026 को जिला DC कंचन सिंह रेंगारिह के ऐतिहासिक संत एंथोनी चर्च के भ्रमण पर पहुंचे. जहां उन्होंने कोनपाला पंचायत स्थित क्षेत्र के प्रथम चर्च का अवलोकन भी किया. इस दौरान डीसी ने चर्च परिसर का निरीक्षण किया और वर्ष 1965 ई. में बने इस चर्च की स्थापत्य कला, सुदरता और ऐतिहासिक महत्व की सराहना की.

दूर-दूर से चर्च में पहुंचते हैं श्रद्धालु- पल्ली पुरोहित
मौके पर चर्च के पल्ली पुरोहित फा. एलभियुस केरकेट्टा उपायुक्त को चर्च के निर्माण, इसके इतिहास, धार्मिक गतिविधियों तथा क्षेत्र में इसके सामाजिक योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह चर्च लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है इस चर्च में दूर-दूर से श्रद्धालु भी पहुंचते हैं. चर्च कि निरीक्षण के दौरान डीसी कंचन सिंह ने कहा कि इस तरह के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल जिले की पहचान होते हैं, जिनका संरक्षण और विकास करना आवश्यक है. उन्होंने चर्च परिसर में मौजूद सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहरों को संरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया. 
डीसी ने कहा कि इस तरह की ऐतिहासिक धरोहरें आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत के रूप में महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके संरक्षण के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए. मौके पर स्थानीय लोगों ने डीसी को यह जानकारी भी दी, कि रेंगारिह कैथोलिक चर्च द्वारा मिशनरी कार्यों का विस्तार सिमडेगा जिले के अलावा जशपुर (वर्तमान छत्तीसगढ़) और गांगपुर (वर्तमान ओडिशा के सुंदरगढ़ जिला) सहित कई क्षेत्रों में हुआ.
अंग्रेजी शासनकाल में बने स्कूल भवन का भी DC ने किया निरीक्षण
मौके पर डीसी ने चर्च परिसर में स्थित सेंट एंथोनी स्कूल भवन का भी निरीक्षण किया. बता दें यह भवन 1926 ई. में अंग्रेजी शासनकाल के दौरान बनाया गया था. यहां आज भी रेंगारिह पल्ली पुरोहित और स्थानीय लोगों की देखरेख में सुचारु रूप से स्कूल का संचालन किया जा रहा है. और यह विद्यालय क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. वहीं, डीसी ने भवन की ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए उसके संरक्षण और मरम्मत की आवश्यकता पर बल दिया तथा संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक पहल करने का निर्देश दिए. 
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए चर्च परिसर में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए एक समुचित कार्य योजना तैयार कर प्रस्ताव भेजा जाए, जिससे यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल पाए. डीसी ने यह भी कहा कि रेंगारिह चर्च को एक ऐतिहासिक स्थल के रूप में विकसित कर पर्यटन मानचित्र पर लाने की दिशा में प्रयास किए जाएं, जिससे जिले की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ मिल सकें.
ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विकसित करने के लिए सरकार को भेजा गया था पत्र
आपको बता दें, पिछले साल 2025 में ठेठईटांगर पश्चिमी के जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने रेंगारिह चर्च को पर्यटन स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर के रूप में विकसित करने के लिए सरकार को पत्र लिखा था. जिसके बाद जिला प्रशासन ने रेंगारिह कैथोलिक चर्च को ‘डी’ ग्रुप के पर्यटन स्थल के रूप में सूचीबद्ध करते हुए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है. वहीं मौके पर जिला परिषद सदस्य अजय एक्का ने जिला DC कंचन सिन्हा की पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया. 
उन्होंने कहा कि अगर रेंगारिह कैथोलिक चर्च को ऐतिहासिक धरोहर और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है तो इससे जिले की ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी. इसके साथ ही यह स्थान आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास और संस्कृति को जानने का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा.
मौके पर डीसी कंचन सिंह के साथ ठेठईटांगर की प्रखंड विकास पदाधिकारी नूतन मिंज, अंचलाधिकारी कमलेश उरांव, जिला परिषद सदस्य अजय एक्का, चर्च के पल्ली पुरोहित फा. एलभियुस केरकेट्टा, फा. गिल्बर्ट बारला, फा. गाब्रिएल, पाइकपारा मुखिया सुशीला केरकेट्टा, कोनपाला मुखिया फ्रांसिस्का लकड़ा,सहित अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे.








