अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, शुरू हुआ प्रोजेक्ट हॉक आई
3 जुलाई से शुरू होगी यात्रा, ड्रोन, CCTV और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से होगी निगरानी

3 जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। यात्रा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस, BSF, CISF और CRPF ने गश्त, तलाशी अभियान और क्षेत्र सुरक्षा अभ्यास तेज कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां सीमा से सटे इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रख रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जम्मू जिले के कई इलाकों में वाहन जांच, पहचान सत्यापन और निगरानी अभियान भी चलाए गए हैं।
यात्रा की सुरक्षा के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ‘प्रोजेक्ट हॉक आई’ शुरू किया है। इसके तहत पूरे यात्रा मार्ग पर आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। पुलिस ने पांच ड्रोन यूनिट, 416 हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम तैनात किए हैं। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर 28 मचान मोर्चे बनाए गए हैं और 22 स्नाइपर टीमों को तैनात किया गया है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और किसी भी खतरे का समय रहते पता लगाना है।
सुरक्षा तैयारियों के तहत कई स्थानों पर मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई हैं। उधमपुर और अनंतनाग में सुरक्षा बलों ने आतंकवादी हमले जैसी स्थिति से निपटने की क्षमता का परीक्षण किया। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
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