पहाड़पुर में आदिवासी आस्था को नमन, President Droupadi Murmu और PM Narendra Modi ने विकास की नई इबारत लिखी
पहाड़पुर में आदिवासी आस्था को नमन, President Droupadi Murmu और PM Narendra Modi ने विकास की नई इबारत लिखी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव का ऐतिहासिक संयुक्त दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने आदिवासी समुदाय की धार्मिक परंपराओं और प्रकृति आधारित आस्था का सम्मान करते हुए गोसानी पीठ तथा संथाली और हो समुदाय के पवित्र जाहेर स्थलों पर पूजा-अर्चना की। स्थानीय परंपरा के अनुसार उनका पारंपरिक संथाली वेशभूषा से स्वागत किया गया और दोनों नेताओं ने पवित्र उपवन में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास का संदेश दिया।
यह यात्रा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के लिए भावनात्मक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण रही, क्योंकि पहाड़पुर उनके दिवंगत पति श्याम चरण मुर्मु का पैतृक गांव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने एसएलएस स्कूल तथा स्थानीय कौशल विकास केंद्र का दौरा किया, जिनकी स्थापना राष्ट्रपति के दिवंगत पति और उनके दोनों पुत्रों की स्मृति में की गई थी। प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद कर शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर जोर दिया।
दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने स्थानीय हस्तशिल्प, वन उत्पादों और जनजातीय उद्यमों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री ने कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों से बातचीत कर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं, विशेषकर पीएम विश्वकर्मा योजना सहित आजीविका से जुड़ी पहलों के प्रभाव की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और जनजातीय समुदायों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रायरंगपुर पहुंचे, जहां राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित "विकास रा धारा, ओडिशा सारा" कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर ओडिशा के लिए लगभग ₹47,600 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं में सड़क, रेलवे, पेयजल, ऊर्जा, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास से जुड़े अनेक कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जनजातीय समाज भारत की सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति संरक्षण की परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य विकास की मुख्यधारा में हर क्षेत्र और हर वर्ग को समान अवसर देना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी आदिवासी परंपराओं, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को देश की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। आस्था, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और विकास को एक साथ जोड़ने वाला यह संयुक्त दौरा ओडिशा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। पहाड़पुर से रायरंगपुर तक आयोजित कार्यक्रमों ने जनजातीय विरासत के सम्मान और राज्य के समग्र विकास की दिशा में केंद्र और राज्य की साझा प्रतिबद्धता को नई मजबूती प्रदान की।
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