MADHUBANI (BIHAR): मधुबनी जिले में आंधी तूफान के साथ आई तेज बारिश ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है. खेतों में लहलहाता फसल बर्बाद हो गया है. मधेपुर प्रखंड के कोसी दियारा इलाके में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. तेज बारिश और आंधी तूफान की वजह से मक्का और गेहूं की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. कोसी दियारा इलाके का मुख्य फसल 'मक्का' है जिसे किसानों ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर बोया था लेकिन प्राकृतिक आपदा की मार से अब किसान कराह रहे हैं. 
मधेपुर प्रखंड के परवलपुर पंचायत, बकुआ, भरगमा, द्वालख,महपतिया पंचायत की बात करें तो यहां भी हालात बेहद चिंताजनक है. किसानों की माने, तो ढाई सौ एकड़ में लगी मक्का और गेहूं की फसलें आंधी तूफान से पूरी तरह बर्बाद हो चुका है. खेतों में जहां कुछ दिन पहले लहलहाती फसलें सबकी निगाहें अपनी तरफ आकर्षित करती थी वहीं अब ये फसलें जमीन पर परस गई है.
कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान चिंतित
किसान बहादुर का कहना है कि मक्का फसल की अच्छे उत्पादन के लिए काफी मेहनत और लागत लगाई थी. बीज, खाद और सिंचाई का खर्च करने के बाद अब अचानक आई इस बारिश और तूफान ने सब कुछ चौपट कर दिया है. 
वहीं, किसान राजेन्द्र मंडल और संत लाल ने कहा कि इलाके के लोग कृषि पर ही निर्भर हैं कुछ किसानों ने बैंक से कर्ज लेकर खेती की है ऐसे में फसल नुकसान के बाद उसकी भरपाई करना मुश्किल है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि मौसम का यह कहर ऐसे समय पर टूटा है, जब फसल कटाई के करीब थी. कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों को अब फसल बर्बाद होने से चिंता सता रही है कि वे कर्ज कैसे चुकाएंगे.
किसानों ने प्रशासन से की मुआवजे की मांग
पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है. उनका कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा. फसल क्षति से किसान हताश हैं और मुआवजा नहीं मिलने की स्थित में गलत कदम उठाने को मजबूर दिख रहे हैं और ऐसे में आत्महत्या करने की बात भी कर रहे हैं. आंधी तूफान तेज बारिश से आम, लीची और रबी फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है.
रिपोर्ट- राघव मिश्रा









