रांची में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की प्रेस कॉन्फ्रेंस: बोले- 'झारखंड में ओबीसी स्कॉलरशिप रुकने की कराएंगे जांच'
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने शनिवार को रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने दावा किया कि 2029 में भी नरेंद्र मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे. इसके साथ ही उन्होंने झारखंड में ओबीसी छात्रों की स्कॉलरशिप रुकने के मामले पर जांच कराने का भरोसा दिलाया.

Ranchi News : केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले शनिवार को झारखंड के दौरे पर रांची पहुंचे. इस दौरान उन्होंने रामगढ़ में आयोजित एक स्थानीय कार्यक्रम में शिरकत की और बाद में रांची में एक उच्चस्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. पिछले 10 वर्षों से NDA (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस) सरकार में मंत्री पद संभाल रहे अठावले ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी देश में बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए पूरी मजबूती से एनडीए के साथ खड़ी है. उन्होंने विश्वास जताया कि देश में विकास की बयार बह रही है और वर्ष 2029 के आम चुनाव में भी नरेंद्र मोदी ही देश के प्रधानमंत्री बनेंगे.
आर्थिक विकास और मुद्रा योजना के आंकड़ों को किया रेखांकित
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार की आर्थिक और जनहितकारी योजनाओं का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत आर्थिक आधार पर दुनिया में चौथे नंबर पर पहुंच चुका है और एनडीए सरकार की नीतियों के कारण देश के लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं. झारखंड के परिप्रेक्ष्य में बात करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के 1 करोड़ 73 लाख लोगों को सीधे तौर पर मुद्रा योजना का लाभ मिला है. उन्होंने स्वीकार किया कि झारखंड में वर्तमान में उनकी सरकार नहीं है और आरपीआई संगठन यहां ज्यादा मजबूत नहीं है, लेकिन वे सभी जाति व वर्गों को साथ लेकर राज्य में पार्टी संगठन के विस्तार पर लगातार काम कर रहे हैं.
ओबीसी स्कॉलरशिप मामले पर जांच का भरोसा, राज्य सरकार को घेरा
झारखंड के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों को छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) नहीं मिलने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने गंभीर रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएंगे. हालांकि, उन्होंने तकनीकी कड़ियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि नियमानुसार राज्य सरकार (स्टेट) को पहले पात्र छात्रों का पूरा डेटा केंद्र को भेजना होता है, जिसके बाद ही दिल्ली से स्कॉलरशिप की राशि जारी की जाती है. अठावले ने बताया कि इस छात्रवृत्ति राशि में केंद्र सरकार का 60 प्रतिशत हिस्सा होता है, जबकि शेष 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को वहन करना होता है. उन्होंने राज्य सरकार के उन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया जिसमें केंद्र से सहयोग नहीं मिलने की बात कही जाती है.
नीट गड़बड़ी और शिबू सोरेन से मित्रता पर बेबाक बयान
देशभर में चर्चा का विषय बनी नीट (NEET) परीक्षा की गड़बड़ियों पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मामले में जो भी विसंगतियां हुई हैं, उसका कोई भी राजनीतिक दल समर्थन नहीं करता है. केंद्र सरकार ने तत्परता दिखाते हुए पेपर लीक करने वाले मुख्य आरोपियों का पर्दाफाश किया है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगना बिल्कुल भी तर्कसंगत नहीं है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने झारखंड आंदोलन के इतिहास को याद करते हुए भावुक होकर कहा कि झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन उनके बेहद अच्छे मित्र रहे हैं और झारखंड को एक अलग राज्य बनाने के लिए 'दिशोम गुरु' शिबू सोरेन ने अपने जीवन में बहुत कड़ा संघर्ष और मेहनत की है.
(रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट)
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