JPSC-JSSC घोटाले में नया ट्विस्ट!, सेटिंग-गेटिंग के खेल में रडार पर आए रांची-धनबाद के कोचिंग सेंटर, मास्टरमाइंड 'मास्टरजी' फरार
JPSC-JSSC घोटाले की CID जांच में रांची और धनबाद के कोचिंग सेंटर रडार पर हैं। पूर्व शिक्षक रवि उर्फ ‘मास्टरजी’ की तलाश तेज है, कई आरोपी पहले गिरफ्तार हो चुके हैं।

JPSC-JSSC Scam: झारखंड में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में हुए महाघोटाले की आग अब उन जगहों तक पहुंच गई है, जहां बैठकर युवा दिन-रात अफसर बनने का सपना बुनते हैं। CID की तेज होती जांच में अब रांची और धनबाद के कुछ बड़े कोचिंग संस्थानों की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। इस पूरे काले खेल में एक नया और बेहद अहम नाम सामने आया है- रवि। ये महाशय कथित तौर पर पतंजलि कोचिंग के पूर्व टीचर रह चुके हैं और फिलहाल सेटिंग कराने वाले गिरोह की अहम कड़ी बताए जा रहे हैं।
चकमा देने में माहिर है 'मास्टरजी'
जांच एजेंसी की रडार पर आया रवि मूल रूप से पलामू जिले का रहने वाला है। उस पर सीधा आरोप है कि परीक्षा में पास कराने का ठेका लेने वाले गिरोह से उसके गहरे और सीधे तार जुड़े हुए हैं। CID की टीम इस आरोपी को दबोचने के लिए रांची से लेकर पलामू तक इसके हर ठिकाने पर कई बार दबिश दे चुकी है। लेकिन यह मास्टरमाइंड हर बार पुलिस को गच्चा देकर रफूचक्कर हो जाता है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के खौफ से वह शातिर अपराधियों की तरह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है, जिससे उसे सलाखों के पीछे डालना फिलहाल CID के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
रवि की गिरफ्तारी से खुलेंगे ज्ञान के मंदिरों के काले राज
पुलिस अब इस फरार टीचर तक पहुंचने के लिए उसके परिवार वालों और करीबियों पर शिकंजा कस रही है। CID की टीमें लगातार उसके रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ कर रही हैं ताकि रवि की कोई पुख्ता लोकेशन हाथ लग सके। इस मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का साफ मानना है कि जिस दिन यह पूर्व शिक्षक पुलिस के हत्थे चढ़ गया, उस दिन रांची और धनबाद के कई नामी-गिरामी कोचिंग सेंटरों का काला चिट्ठा खुल जाएगा। जांच एजेंसी को पूरी उम्मीद है कि रवि की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो जाएगा कि ज्ञान बांटने वाले इन संस्थानों में पर्दे के पीछे से कैसे नौकरियां बेचने का गोरखधंधा चल रहा था।
पहले से ही जेल की हवा खा रहे हैं कई रसूखदार और दलाल
आपको याद दिला दें कि JPSC की 11वीं से लेकर 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में हुई इस भारी धांधली के मामले में CID पहले ही बहुत सख्त एक्शन ले चुकी है। इस महाघोटाले में शामिल कई अभ्यर्थियों, सेटिंग कराने वाले बिचौलियों और यहां तक कि बड़े रसूख वाले अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। लेकिन अब जिस तरह से इस घोटाले के तार सीधे कोचिंग संस्थानों से जुड़ते नजर आ रहे हैं, उसने कड़ी मेहनत करने वाले छात्रों को भी हैरान और निराश कर दिया है। अब पूरे प्रदेश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि CID का जाल इस मास्टरमाइंड तक कब पहुंचता है और इसके पकड़े जाने पर किन-किन चेहरों से नकाब उतरता है।
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