एक घंटे की बारिश और मोतिहारी पानी-पानी! नगर निगम के विकास के दावों पर उठे सवाल
मोतिहारी में सिर्फ एक घंटे की बारिश के बाद मीनाबाजार, छतौनी रोड और ढाका रोड समेत कई इलाकों में जलजमाव हो गया। सड़कें तालाब में बदल गईं और नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।


मोतिहारी: सिर्फ एक घंटे की बारिश ने मोतिहारी नगर निगम की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने ला दी, जिसने विकास के बड़े-बड़े दावों पर सवाल खड़े कर दिए। शहर के मीनाबाजार, छतौनी रोड, ढाका रोड समेत कई इलाकों में सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। कहीं सड़क तालाब बन गई तो कहीं लोगों को घुटने तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। बारिश थमने के बाद भी कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बनी रही। रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
टैक्स जनता देती है, परेशानी भी जनता ही झेले?
नगर निगम क्षेत्र के लोग नियमित रूप से टैक्स का भुगतान करते हैं। बदले में उम्मीद रहती है कि शहर में सड़क, नाला और जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी। लेकिन बारिश आते ही तस्वीर बदल जाती है। सड़कों पर जमा पानी सिर्फ यातायात को प्रभावित नहीं करता, बल्कि दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों के लिए भी परेशानी खड़ी कर देता है।
बैठकें होती रहीं, नतीजा बारिश ने दिखा दिया
जलनिकासी और सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम की ओर से समय-समय पर बैठकें और योजनाएं बनाए जाने का दावा किया जाता है। नालों और सड़कों के निर्माण एवं सुधार पर भी राशि खर्च होने की बात सामने आती रही है।इसके बावजूद एक घंटे की बारिश के बाद शहर की स्थिति ने व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगर निगम के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि विकास कार्यों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार जानकारी साझा करते हैं। लेकिन दूसरी तरफ बारिश के बाद सड़कों पर जमा पानी शहर की जमीनी तस्वीर अलग कहानी कहता नजर आया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जलनिकासी व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों और शहर की वास्तविक स्थिति के बीच इतना अंतर क्यों है?
एक घंटे की बारिश में क्यों डूब गया शहर?
मोतिहारी में जलजमाव कोई नई समस्या नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में यही तस्वीर सामने आती है और हर बार जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर करने के दावे किए जाते हैं। जब जलनिकासी के नाम पर हर साल योजनाएं बनती हैं और पैसा खर्च होता है, तो एक घंटे की बारिश में मोतिहारी फिर पानी-पानी क्यों हो जाता है?
(मोतिहारी से प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)

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