Bihar (East Champaran): मोतिहारी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जन सुराज के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सह केसरिया प्रमुख पति नाज अहमद खान के खिलाफ शिकंजा कस दिया है. पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने नाज अहमद खान पर 15 हजार का इनाम घोषित किया है और उन्हें 48 घंटे के भीतर आत्मसमर्पण करने की सख्त चेतावनी दी है.

पुलिस के अनुसार, नाज अहमद खान का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है. उनके खिलाफ जिले में एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें गंभीर धाराएं शामिल हैं. ताजा मामला आर्म्स लाइसेंस प्राप्त करने के लिए किए गए कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ है, जिसने पुलिस प्रशासन को भी चौंका दिया है.
जांच में सामने आया है कि नाज अहमद खान ने आर्म्स लाइसेंस हासिल करने के लिए अपने आपराधिक रिकॉर्ड को छिपाने की साजिश रची. इसके तहत केसरिया थाना के चौकीदार मनोज सिंह की मिलीभगत से एक फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराया गया, जिसमें यह दर्शाया गया कि उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है. इतना ही नहीं, इस फर्जी दस्तावेज में थाना प्रभारी (SHO) और अन्य संबंधित पदाधिकारियों के हस्ताक्षर भी जाली तरीके से किए गए थे.
मामले के खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए. इसके बाद पदाधिकारी रामशरण पासवान के आवेदन के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चौकीदार मनोज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ फर्जीवाड़ा, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
वहीं मुख्य आरोपी नाज अहमद खान की गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है.

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि आरोपी को 48 घंटे का समय दिया गया है ताकि वह स्वयं सरेंडर कर दे. यदि वह तय समय सीमा के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके खिलाफ अन्य सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल गर्म है वहीं, इस पूरे मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है.
रिपोर्ट: प्रतीक सिंह









