पटना में NEET छात्रा की मौत का बड़ा खुलासा ! अंडरगारमेंट में मिले मानव शुक्राणु
पटना में नीट छात्रा की मौत मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जिससे पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है. मामले में जांच के दौरान FSL की रिपोर्ट में छात्रा की अंडर गारमेंट पर मानव शुक्राणु के अवशेष मिले हैं.

Bihar News: बिहार में पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है इस बीच अब एक बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, मामले में FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की रिपोर्ट में छात्रा की अंडर गारमेंट्स पर मेल स्पर्म (वीर्य के अंश) मिले है. जिससे छात्रा के साथ दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई है.
खुलासे से पूरे राज्य में हड़कंप
बता दें, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सेक्शुअल वायलेंस की बातें सामने आई थी. वहीं, इस खुलासे के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है. पूरे मामले में हाई-प्रोफाइल जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया था. FSL की रिपोर्ट के मुताबिक, 10 जनवरी 2026 को परिजनों द्वारा जांच के लिए छात्रा के सौंपे गए कपड़ों की जांच में एक बड़ा और महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है जिसमें घटना के वक्त पहने छात्रा द्वारा पहने अंडरगारमेंट से मानव शुक्राणु (मेल स्पर्म) के अवशेष मिले हैं जो यौन शोषण की तरफ स्पष्ट रुप से इशारा कर रहा है.
DNA प्रोफाइल तैयार करने की प्रक्रिया जारी
वहीं, शनिवार को FSL ने फारेंसिक की बायोलॉजिकल रिपोर्ट मामले को सुलझाने में जुटी SIT को सौंप दी है. जिसके बाद अब DNA प्रोफाइल तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है. फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के सूत्रों के मुताबिक, बरामद सैंपल से DNA प्रोफाइल तैयार होने के उपरांत इसे गिरफ्तार अभियुक्तों और SIT टीम की ओर से चिन्हित अन्य संदिग्धों के डीएनए से मिलान किया जाएगा. रिपोर्ट के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी. और दोषियों को सजा दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी. जांच एजेंसी की टीम मामले में पूरी गहनता से छानबीन कर रही है.
मामले में दो थानाध्यक्ष निलंबित
मामले में जांच के दौरान दो थाना अध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. बता दें, इसमें अपर थानाध्यक्ष कदमकुआं अवर निरीक्षक हेमंत झा और थानाध्यक्ष चित्रगुप्तनगर अवर निरीक्षक रोशनी कुमारी को आसूचना संकलन एवं स-समय कार्रवाई करने में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. दोनों थानाध्यक्षों पर यह कार्रवाई विभागीय अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई है.
वहीं, मामले में मृतक छात्रा के परिजन न्याय की मांग पर अड़े हैं वे इस मामले को साजिश बताते हुए गहनता से जांच की अपील कर रहे हैं. बता दें, यह मामला पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है. सियासी हलचल भी तेज हो गई है वे राज्य की छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि पुलिस ने दावा किया है कि DNA जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी.









