कतर की नौकरी छोड़ चेन्नई लौटे... विजय के ड्राइवर के बेटे ने रचा इतिहास, बन गए विधायक, ये है सबरीनाथन की कहानी
सबरीनाथन राजेंद्रन के बेटे हैं, जिन्होंने लंबे समय तक विजय के ड्राइवर के रूप में काम किया है. उन्होंने टीवीके की ओर से चुनाव लड़ा और तकरीबन 27 हजार वोटों के भारी अंतर से सत्ताधारी DMK के मौजूदा विधायक प्रभाकर राजा को करारी शिकस्त दी.

TVK Won Tamilnadu Election: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है. पार्टी सहित इसके समर्थक पूरी तरह जीत के जश्न में डूबे हुए हैं. जीत के इस माहौल में कई अनसुनी कहानियां भी उभरकर सामने आ रही हैं. इन्हीं में से एक कहानी है आर सबरीनाथन की. एक ऐसा नाम जो चुनाव परिणाम के पहले सुर्खियों से कोसों दूर था, लेकिन अब हर कोई इनकी कहानी जानने को उत्सुक है.
सबरीनाथन चेन्नई के विरुगमबक्कम सीट से चुनाव जीतकर विधायक बन चुके हैं. सबरीनाथन राजेंद्रन के बेटे हैं, जिन्होंने लंबे समय तक विजय के ड्राइवर के रूप में काम किया है. उन्होंने टीवीके की ओर से चुनाव लड़ा और तकरीबन 27 हजार वोटों के भारी अंतर से सत्ताधारी DMK के मौजूदा विधायक प्रभाकर राजा को करारी शिकस्त दी. प्रभाकर राजा इस सीट से मौजूदा विधायक थे.
29 मार्च को विजय ने चेन्नई में अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की थी. जैसे ही विजय ने विरुगमबक्कम से उम्मीदवार के तौर पर सबरीनाथन के नाम का ऐलान किया, वो मंच पर विजय के पास पहुंचे और उनके पैरों को छू लिया. विजय ने उन्हें गले से लगा लिया, आंखें नम थी और ये भावुक दृश्य कैमरे में कैद हो चुके थे. सोशल मीडिया पर जब इसे तेजी से शेयर किया जाने लगा तो सबरीनाथन को जनता का समर्थन भी प्राप्त होना शुरू हो गया.
सबरीनाथन का परिवार लंबे समय से विजय के साथ जुड़ा रहा है. उनके पिता राजेंद्रन ने केवल ड्राइवर के तौर पर ही नहीं बल्कि निजी सहायक के तौर पर भी काम किया है. विजय की पहली फिल्म नालैया थीरपु 1992 में रिलीज हुई थी, कहा जाता है कि तब से ही राजेंद्रन का साथ उनके साथ बना हुआ है.
30 वर्षीय सबरीनाथन ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई 2021 में पूरी की. उनके द्वारा दिए हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब 25 लाख रुपए है. जिनमें चल संपत्ति के साथ कुछ कृषि जमीन भी शामिल है. उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है.
विरुगमबक्कम में ही पले बढ़े सबरीनाथन के लिए राजनीति कोई तय रास्ता नहीं था. एक इंटरव्यू में वे बताते हैं कि उनके पिता की इच्छा थी कि वे इंजीनियर बने. इसके लिए उन्होंने कर्ज भी लिया. पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें कतर की एक कंपनी में नौकरी मिली. नौकरी जॉइन तो कर ली लेकिन उन्हें पता चला कि विजय ने एक नई पार्टी बनाई है. बस फिर क्या था उनके करियर का रास्ता यहां से बदल गया.
उन्होंने तय किया कि वे वापस चेन्नई जाएंगे और पार्टी से जुड़ेंगे. शुरुआत में उनके इस फैसले को पिता का साथ नहीं मिला, वे नाराज थे. लेकिन विजय ने खुद उनसे बात की और सबरीनाथन को पार्टी में शामिल होने के लिए कहा. 2024 में पार्टी से जुड़ने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और चेन्नई लौटने के बाद उन्हें जिला स्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई. फिर चुनाव का टिकट मिला और अब वे चुनाव जीतकर विधायक बन चुके हैं.
सबरीनाथन बताते हैं कि वे बचपन से ही विजय को बहुत करीब से जानते हैं और कई बार अपने पिता के साथ सेट पर शूटिंग देखने भी जा चुके हैं. वे कहते हैं कि आम लोगों के मुकाबले वे विजय को थोड़ा अधिक अच्छे से समझते हैं.
विजय की बात करें तो इस बार चुनाव जीतकर उनकी पार्टी ने इतिहास रच दिया है. बतौर बाल कलाकार विजय ने 1980 के दशक से अभिनय की दुनिया में कदम रखा और 1992 में उन्हें लीड रोल के तौर पर पेश किया गया. जिसके बाद बीते तीन दशकों में विजय का नाम तमिल सिनेमा के सबसे बड़े नामों में से एक के रूप में लिया जाने लगा.
2 फरवरी 2024 को ही विजय ने अपनी पार्टी टीवीके की आधिकारिक घोषणा की थी और महज दो सालों में ही वे सत्ता में आने जा रहे हैं.
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

गिरिडीह: पानी-बिजली के मुद्दे पर BJP ने हेमंत सरकार और नगर विकास मंत्री के खिलाफ किया आक्रोश प्रदर्शन

झारखंड के पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को Supreme Court से मिली जमानत







