अब एक झलक में डिजिटल प्लेटफार्म पर मिलेगी आदिवासियों से जुड़ी जानकारी, CM Hemant ने "आदिनिवास ऐप" का किया शुभारंभ
रांची के आड्रे हाउस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने "आदिनिवास (adinivaas) ऐप" का शुभारंभ किया. इस एप को आदिवासी समाज के एक युवक नितिन कुजूर ने बनाया है.

Ranchi News: आदिवासियों से जुड़ी सारी जानकारी अब आपको केवल एक ही झलक में डिजिटल प्लेटफार्म पर मिल जाएगी. सोमवार यानी 25 मई को रांची के आड्रे हाउस में आयोजित "आदिनिवास (adinivaas) ऐप" के शुभारंभ कार्यक्रम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया. जहां उन्होंने "आदिनिवास (adinivaas) ऐप" का विधिवत शुभारंभ किया. इस अवसर पर सीएम हेमंत ने संबोधन करते हुए कहा कि Adinivaas एक डिजिटल आदिवासी ऐप है, जो देशभर के आदिवासियों को एक सूत्र में जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. यह हमारी संस्कृति, भाषा, भूमि, परंपरा और जीवनशैली के संरक्षण के साथ-साथ रोजगार और आर्थिक विकास के अवसरों को भी गति प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा.

बता दें, इस ऐप को आदिवासी समाज के एक होनहार युवक नितिन कुजूर ने बनाया है जिसमें आदिवासी समाज के जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी दी गई है. मौके पर ने इसकी खूब सराहना की और कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह ऐप आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण विकास को हर क्षेत्र में मजबूती प्रदान करेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें आदिवासी समुदाय की पहचान पर गर्व करते हुए एकजुट होकर प्रगति की दिशा में कदम-कदम मिलाकर निरंतर आगे बढ़ने की आवश्यकता है. नितिन कुजूर ने कुछ नवाचार के माध्यम से अपनी जड़ों से जुड़कर एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं गर्वित आदिवासी समाज का निर्माण करना रहा है जहां एक डिजिटल ऐप पर हम अपनी सोच-विचार और क्रिएटिविटी को देश और दुनिया में अलग पहचान दे सकें. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी ओर से Adinivaas की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नितिन कुजूर ने पूरी मेहनत, सिद्दत और लगन से डिजिटल प्लेटफार्म में इस ऐप को तैयार किया है. Adinivaas ऐप के नाम पर बहुत सारी चीजें छुपी है. आप सब जानते हैं कि हमलोग अलग-अलग युगों से गुजरते हुए आज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहुंच चुके हैं. आज मोबाइल सहित डिजिटल गैजेट्स का महत्व कितना है, ये हम सभी लोग जानते हैं, पलक झपकते ही आप पूरे दुनिया में लोगों के साथ कनेक्ट हो सकते हैं, अपनी बातों को पूरी देश दुनिया तक पहुंचा सकते हैं. अपनी विशेषताओं, खूबियों एवं अपनी क्षमता को डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंचा सकते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी एक ऐसा समूह है जो दुनिया में सबसे अलग पहचान रखता है. अब आदिवासी समाज के युवा भी विकास की राह में तेजी से आगे भी बढ़ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय के बदलते परिवेश में जो बदलाव हो रहे हैं इन बदलाव के साथ हमें स्वयं को बदलने की आवश्यकता है. अपने सोच-विचारों में भी क्रिएटिविटी लानी होगी. इस भाग दौड़ में समाज, संस्कृति, सभ्यता छूट न जाए यह भी एक बड़ा सवाल है. नितिन की हुनर निश्चित रूप से समाज को एक नई दिशा प्रदान करेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवा अब झारखंड में ही कमर्शियल पायलट की ट्रेंनिंग ले सकेंगे. राज्य सरकार द्वारा दुमका में पायलट ट्रेनिंग सेंटर को स्थापित किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अपना पायलट ट्रेंनिंग सेंटर हो इसके लिए हमने पिछले 7 वर्षों से कार्य योजना बनाई और इसका शुभारंभ हुआ. इस सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले आदिवासी युवाओं को राज्य सरकार सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के होनहार युवाओं को पायलट ट्रेनिंग की सुविधा अपने राज्य में ही मिले यह हमारा प्रयास रहा है. झारखंड के युवा वर्ग किस प्रकार आत्मनिर्भर और स्वाबलंबी बने इस निमित्त राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है.

इस कार्यक्रम के दौरान मौके पर राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक राजेश कच्छप, आदिनिवास ऐप के फाउंडर नितिन कुजूर, को-फाउंडर मनीष लकड़ा और किरण लकड़ा सहित अन्य गणमान्य अतिथि एवं आदिनिवास के सभी सदस्यगण उपस्थित रहें.
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