अमेरिका-ईरान MoU पर भारत का समर्थन, डोभाल ने रखी बात
डोभाल ने कहा- ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम है अमेरिका-ईरान समझौता

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित 16वीं BRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत इस समझौते को लेकर आशावादी है और उम्मीद करता है कि इससे पश्चिम एशिया में शांति बढ़ेगी। डोभाल ने कहा कि यह समझौता ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया को नए सुरक्षा खतरों और चुनौतियों के प्रति लगातार सतर्क रहने की जरूरत है।
अजित डोभाल ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से वैश्विक व्यापार और समुद्री परिवहन को फायदा होगा। इससे सप्लाई चेन की रुकावटें कम होंगी और उर्वरक, रसायन तथा अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी। उन्होंने कहा कि साइबर हमले, नई तकनीकों का गलत उपयोग और आतंकवाद के बदलते रूप आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौती हैं। BRICS देशों के बीच इन मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने 17 जून को संघर्ष समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत दोनों देशों के बीच 60 दिनों तक बातचीत जारी रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी समझौते का स्वागत करते हुए कहा, “मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष खत्म करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बनी समझ का स्वागत करता हूं, जिसने दुनिया भर में आर्थिक व्यवधान पैदा किया और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ।”
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