भीड़ तंत्र की बर्बरता: मोबाइल चोरी के शक में युवक की बेल्ट और लात-घूंसों से की बेरहमी से पिटाई
युवक को पकड़कर भीड़ ने घसीटते हुए उसकी पिटाई की. इस बीच युवक चिल्ला-चिल्लाकर लगातार खुद को निर्दोष बता रहा है, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी. ठंड के कारण वह बीच सड़क पर तड़पते हुए गिर गया.

Bihar (Begusarai): बेगूसराय में एक बार फिर भीड़ तंत्र ने कानून को हाथ में लेते हुए एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी. मोबाइल चोरी के आरोप में दर्जनों लोगों की भीड़ ने युवक को घेरकर बेल्ट, लात और घूंसे से इतना पीटा कि वह ठंड में तड़पता हुआ जमीन पर गिर पड़ा. इसके बावजूद भीड़ ने उसे नहीं छोड़ा और जमीन पर ही मारपीट जारी रखी.
बता दें, यह पूरा मामला लोहिया नगर थाना क्षेत्र के लोहिया नगर ओवरब्रिज के पास का है जहां शनिवार (3 जनवरी 2026) की देर शाम लोगों ने मारपीट की इस वारदात को अंजाम दिया. अब मारपीट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब तेजी से वायरल हो रहा है.
वीडियो में साफ दिख रहा है कि भीड़ आरोपी युवक को पकड़कर घसीटते हुए ला रही है इस बीच युवक चिल्ला-चिल्लाकर लगातार खुद को निर्दोष बता रहा है, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी. ठंड के कारण वह बीच सड़क पर तड़पते हुए गिर गया. मगर लोगों ने तब भी उसकी पिटाई जारी रही.
दरअसल, आरोप है कि स्टेशन से निकलने वाले एक युवक का मोबाइल छीनकर भागने के संदेह में भीड़ ने उसे दौड़ कर पकड़ लिया. पिटाई के बाद स्थानीय लोगों ने युवक को स्टेशन के पास जीआरपी थाना लिया. जहां पूछताछ के दौरान युवक के खिलाफ कोई पुष्टि नहीं हुई. जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया.
बता दें, पीड़ित युवक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के पावर हाउस रोड के रहने वाले सोनू कुमार के रूप में हुई है. वहीं मामले की जानकारी देते हुए सोनू ने बताया कि वह फल बेचने का काम करता है और उस पर झूठा आरोप लगाकर भीड़ ने उसकी बेरहमी से पिटाई की. सोनू ने कहा की “मुझ पर झूठा आरोप लगाया गया. मुझे पकड़कर सभी ने बहुत मारा. जीआरपी ले जाकर जब पता चला कि मैं निर्दोष हूं तो छोड़ दिया गया.
हालांकि अब बड़ा सवाल यह है कि जब चोरी की कोई पुष्टि नहीं थी, तो फिर इतनी ठंड में भीड़ तंत्र ने युवक को किस अधिकार से इस तरह बर्बरता का शिकार बनाया ? अगर वाकई चोरी हुई थी, तो आरोपी को पुलिस के हवाले करना ही सही तरीका था, फिर उसे पीटने की जरूरत क्यों पड़ी ? यह घटना एक बार फिर भीड़ तंत्र के बढ़ते हौसले और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
रिपोर्ट- बबलू









