इमरजेंसी में डॉक्टर से पहले आप बन सकते हैं ‘लाइफ सेवर’! नालंदा में शुरू हुआ खास प्रशिक्षण
नालंदा में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से 8 दिवसीय फर्स्ट एड प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। 30 प्रतिभागियों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


बिहारशरीफ: आपातकालीन स्थिति में सही समय पर दिया गया प्राथमिक उपचार किसी की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसी उद्देश्य से भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा नालंदा के परिसर में शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 से 8 दिवसीय प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन बिहारशरीफ के चिकित्सक डॉ. इंद्रजीत कुमार, एमडी मेडिसिन, कुमार हॉस्पिटल, डॉक्टर्स कॉलोनी द्वारा किया गया।
आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. इंद्रजीत कुमार ने प्रतिभागियों को अलग-अलग आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार शुरू करने से पहले बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों को भी प्रैक्टिकल तरीके से समझाया गया। प्रशिक्षण का फोकस प्रतिभागियों को ऐसी जीवन रक्षक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देना है, जिसका इस्तेमाल किसी दुर्घटना या अचानक स्वास्थ्य आपात स्थिति में तत्काल सहायता के लिए किया जा सके।
30 प्रतिभागी ले रहे प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 30 प्रतिभागी शामिल हुए। प्रतिभागियों को प्राथमिक चिकित्सा से जुड़े जरूरी कौशल और आपातकालीन परिस्थितियों में सही तरीके से प्रतिक्रिया देने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, नालंदा के सचिव राजेश कुमार ने उपयोगी और ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण सत्र के लिए डॉ. इंद्रजीत कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में चेयरमैन डॉ. श्याम बिहारी, वाइस चेयरमैन सुधीर कुमार, कोषाध्यक्ष अरविंद पंडित, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद अखलाक अहमद, आजीवन सदस्य प्रमोद कुमार, डॉ. स. म. जमाल, रागिनी कुमारी, सहायक अरुण कुमार और संजय कुमार समेत अन्य लोगों का सहयोग रहा।
सही जानकारी से बचाई जा सकती है जान
आयोजकों का कहना है कि दुर्घटना या किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में डॉक्टर या एंबुलेंस के पहुंचने से पहले दिया गया सही प्राथमिक उपचार बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे में लोगों को फर्स्ट एड की बुनियादी जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
आठ दिनों तक चलने वाला यह प्रशिक्षण लोगों में प्राथमिक चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें जरूरत के समय सही तरीके से मदद करने के लिए तैयार करने की दिशा में एक उपयोगी पहल है।
(नालंदा से वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट)

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