700 करोड़ का चूना लगाने वाली खनन कंपनी 'शाह ब्रदर्स' पर High Court का शिकंजा, जारी किया नोटिस
झारखंड निर्माण आंदोलन के आंदोलनकारियों ने सम्मान पत्र नहीं मिलने पर सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने जल्द सम्मान पत्र देने की मांग करते हुए आंदोलन और कोर्ट जाने की चेतावनी दी।

Ranchi: झारखंड High Court ने माइनिंग कंपनी शाह ब्रदर्स के खिलाफ दायर PIL पर सुनवाई करते हुए कंपनी को नोटिस जारी कर दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तारीख तय की है। शाह ब्रदर्स पर आरोप है कि उसने सरकार को रॉयल्टी के नाम पर भारी चूना लगाया है और करीब 700 करोड़ रुपये से ज्यादा के राजस्व का बड़ा नुकसान पहुंचाया है।
कंपनी पर 700 करोड़ से अधिक के राजस्व नुकसान का गंभीर आरोप
माइनिंग कंपनी शाह ब्रदर्स के खिलाफ दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। एक याचिका 'भूमि अधिग्रहण एवं विस्थापन पुनर्वास समिति' की ओर से दर्ज कराई गई है, जिसमें कंपनी पर सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाने का आरोप है। वहीं दूसरी ओर, झारखंड High Court के अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने भी शाह ब्रदर्स के खिलाफ स्वतंत्र रूप से PIL दाखिल की है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान एडवोकेट राम सुभग सिंह ने खुद अपनी याचिका पर कोर्ट के सामने बहस की, जिसके बाद अदालत ने नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
खंडपीठ में हुई सुनवाई, 2021 के आदेश से जुड़ा है मामला
इस संवेदनशील मामले की सुनवाई Jharkhand High Court के जज जस्टिस आर मुखोपाध्याय और जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की डबल बेंच में हुई। प्रार्थियों का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता विनय तिवारी ने कोर्ट के सामने मजबूत दलीलें रखीं। उन्होंने याचिका का हवाला देते हुए बताया कि कंपनी द्वारा 700 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व नुकसान किया गया है। यह पूरा मामला ग्रीष्मावकाश के दौरान दिए गए आदेश WPS No 2013/20 (दिनांक 21/5/21) से संबंधित है। फिलहाल कोर्ट के नोटिस के बाद अब दो हफ्ते बाद होने वाली अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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