चुपचाप जानलेवा बन रहा Head & Neck Cancer! डॉक्टरों ने बताए शुरुआती संकेत, समय रहते जांच कराना क्यों है जरूरी
World Head and Neck Cancer Day पर पटना के शरण नर्सिंग होम में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में डॉक्टरों ने हेड एंड नेक कैंसर के शुरुआती लक्षण, बचाव और समय पर जांच की अहमियत बताई। कैंसर से ठीक हो चुके मरीजों ने भी अपनी प्रेरणादायक कहानी साझा की।


Motihari: हेड एंड नेक कैंसर, जिसे हम सिर और गर्दन के कैंसर के नाम से भी जानते हैं, अब तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बनता जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण अक्सर अनदेखे रह जाते हैं, जिससे यह बीमारी गंभीर रूप धारण कर लेती है। इसी संदर्भ में, वर्ल्ड हेड एंड नेक कैंसर डे के मौके पर मोतिहारी के शरण नर्सिंग होम में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने लोगों को इस बीमारी के कारण, लक्षण, जांच और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आशुतोष शरण ने की। इस दौरान रेडियोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ गुप्ता और लेप्रोस्कोपिक सर्जन एवं गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. निखिल शरण ने सैकड़ों मरीजों को संबोधित करते हुए बताया कि यदि समय पर पहचान और इलाज किया जाए, तो इस बीमारी पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
डॉ. आशुतोष शरण ने बताया कि हेड एंड नेक कैंसर अक्सर बिना किसी स्पष्ट संकेत के धीरे-धीरे बढ़ता है। अगर गले में लंबे समय तक गांठ बनी रहे, मुंह के अंदर काले या सफेद धब्बे नजर आएं, घाव जल्दी न भरें, आवाज में बदलाव आए या निगलने में दिक्कत हो, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार शुरुआती जांच में सब कुछ सामान्य लग सकता है, लेकिन लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि यह बीमारी केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मरीज को प्रभावित कर सकती है और कई लोगों में अवसाद की स्थिति पैदा कर सकती है।
कैंसर विजेताओं ने सुनाई अपनी कहानी
कार्यक्रम के दौरान मुख कैंसर से जंग जीत चुके संत कुमार, धीरज कुमार और संतोष कुमार ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि समय पर जांच, सही इलाज और मजबूत इच्छाशक्ति से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को भी हराया जा सकता है। उन्होंने लोगों से गुटखा, पान-मसाला, तंबाकू और सिगरेट जैसी आदतों को छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि यही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। विशेषज्ञों ने भी लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करने की सलाह दी। उनका कहना था कि जागरूकता और समय पर उपचार से हेड एंड नेक कैंसर के मामलों में मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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