Jharkhand (Giridih): उदीयमान भगवान सूर्य और छठ मैया को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही लोक आस्था का महापर्व चैती छठ बुधवार को सम्पन्न हुआ. शहर के प्रमुख छठ घाट अरघाघाट समेत पचम्बा बुढ़वा आहार, शास्त्री नगर घाट और ग्रामीण इलाकों के छठ घाटों में इस दौरान व्रतियों की भीड़ उमड़ी. सुबह भोर से ही व्रतियों का हुजूम छठ घाट के लिए निकला.

इस दौरान चौक चौराहों पर बज रहे लोकगीत उगी है सूर्य देव, जोड़े-जोड़े फलवा, अरघ के बेरवा.. जैसे पावन गीतों से माहौल और भक्तिमय रहा.
नदी के जल में दुबकी लगाए सूर्य देव का राह निहार रहे भक्तों की आंखों में चमक बिखर गई, जब सूर्य देव ने दर्शन दिए. बीते 36 घंटों से उपवास रहने का फल मिलता नजर आने लगा. सभी लोगों के मन में इस वक्त यही आस होती है कि हम अर्घ्य अर्पित करने में पीछे न रह जाएं. महिलाएं अपने बच्चों व परिवार की खातिर निरोगी काया और सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगती हैं, और खुद के लिए सुखी संसार.
मान्यतानुसार श्रद्धापूर्वक छठ संपन्न करने पर देवी मां की पूजा और भक्ति का फल प्रदान भी करती हैं. बशर्ते दूसरों के दुखों को दूर करने का हम प्रयास करें और किसी के प्रति बुरा भाव न रखें.
गिरिडीह नगर निगम की खुली पोल
जिले में महापर्व छठ के दौरान श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धानुसार पूजन विधि-विधान से संपन्न किया. लेकिन इन दो दिनों ने गिरिडीह नगर निगम की पोल खोल कर रख दी. कई स्थान ऐसे थे, जहां सीधे नाली का पानी नदी में मिल रहा था. व्रतियों को उसी गंदे पानी में खड़े होकर अर्घ्य देना पड़ा. जिस स्वच्छता का बखान करती नगर निगम नहीं थकती, उसकी जर्जर स्थिति साफ हो चुकी है. देखना होगा लोगों के गुस्से का सामना नगर निगम के अधिकारी किस तरह करते हैं, और कब तक स्थिति में सुधार आ पाता है.
रिपोर्ट: मनोज कुमार पिंटू









