खनिज उपकर बिल के खिलाफ गिरिडीह JMM का आंदोलन का ऐलान, जिलाध्यक्ष बोले- जरूरत पड़ी तो DVC को कोयला आपूर्ति रोकेंगे
संसद के दोनों सदनों से पारित खनिज संबंधी उपकर विधेयक के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है।


Giridih: संसद के दोनों सदनों से पारित खनिज संबंधी उपकर विधेयक के खिलाफ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद गिरिडीह JMM ने भी आंदोलन को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है। रविवार को पार्टी की ओर से संयुक्त प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया गया और आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति बताई गई।
प्रेसवार्ता में JMM जिलाध्यक्ष संजय सिंह, महापौर प्रमिला मेहरा, डिप्टी मेयर अजीत कुमार पप्पू, रॉकी सिंह, कृष्ण मुरारी शर्मा और शाहनवाज अंसारी समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।
20 अगस्त के बाद आंदोलन तेज करने की तैयारी
JMM नेताओं ने बताया कि खनिज उपकर बिल के विरोध में राज्यभर में आंदोलन की तैयारी की जा रही है। नेताओं के अनुसार, 20 अगस्त को छात्रों की ओर से मुख्यमंत्री आवास घेराव की योजना है। इसके बाद आंदोलन को व्यापक रूप देने की तैयारी है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर अंतिम बैठक के बाद राज्यभर में चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
JMM का आरोप- बिना चर्चा के पास कराया गया बिल
जिला JMM नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि खनिज उपकर से संबंधित बिल को दोनों सदनों में पर्याप्त चर्चा के बिना जल्दबाजी में पारित कराया गया। उनका दावा है कि इसका उद्देश्य राज्यों को उनके खनिज संसाधनों से मिलने वाले अधिकार और राजस्व से वंचित करना है।
JMM नेताओं ने कहा कि खनिज संपदा वाले राज्यों में प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान का असर स्थानीय लोगों को झेलना पड़ता है। ऐसे में राज्यों को खनिज पर उपकर लगाने का अधिकार मिलना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
प्रेसवार्ता के दौरान JMM नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का हवाला देते हुए कहा कि प्रदूषण और खनन के प्रभाव से जूझ रहे राज्यों को खनिज संसाधनों पर सेस लगाने का अधिकार है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि नए बिल के जरिए केंद्र सरकार राज्यों के इसी अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
जिलाध्यक्ष बोले- लड़ाई लंबी चल सकती है
JMM जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि खनिज उपकर बिल के खिलाफ लड़ाई लंबी चल सकती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो DVC को कोयला आपूर्ति रोकने जैसे कड़े कदम पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने इसे आंदोलन के आगे के चरण में उठाया जाने वाला संभावित कदम बताया।
JMM नेताओं ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार और राजस्व की हिस्सेदारी से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। पार्टी ने इस मुद्दे पर कार्यकर्ताओं और आम लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

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