'CBI-CID पर भरोसा नहीं, हाईकोर्ट के सिटिंग जज करें जांच!', JPSC विवाद पर CPI का बड़ा ऐलान
झारखंड की सियासत में खनिज संसाधनों के अधिकार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है।


Ranchi: झारखंड की सियासत में खनिज संसाधनों के अधिकार और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। केंद्र सरकार के नए खनन संशोधनों और राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधलियों के खिलाफ वामपंथी दलों ने आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। इसी क्रम में राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक स्थित पार्टी कार्यालय में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) झारखंड राज्य परिषद की एक अति महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्य परिषद सदस्य कामरेड जैनेन्द्र कुमार ‘तथागत’ की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को घेरने के लिए एक निर्णायक और ठोस आंदोलनकारी रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।
CBI-CID से भरोसा उठा, हाईकोर्ट के कार्यरत जजों की कमेटी से हो JPSC की जांच
बैठक को संबोधित करते हुए CPI झारखंड के राज्य सचिव कामरेड महेंद्र पाठक ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं और छात्रों का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के कारण राज्य के युवाओं का अब CBI और CID जैसी पारंपरिक जांच एजेंसियों से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। CPI ने राज्य सरकार से मांग की है कि बिना किसी देरी के हाईकोर्ट के कार्यरत जजों (सिटिंग जजों) की एक विशेष कमेटी गठित की जाए, जो JPSC घोटालों की निष्पक्ष और समयबद्ध न्यायिक जांच करे। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि न्यायिक जांच से ही दूध का दूध और पानी का पानी अलग हो सकेगा, दोषियों को सख्त सजा मिलेगी और लाखों नौजवानों का टूटा हुआ विश्वास फिर से बहाल हो पाएगा।
MMDR संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ महाआंदोलन की हुंकार
केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए CPI ने प्रस्तावित खान एवं खनिज (संशोधन) विधेयक, 2026 (MMDR 2026) का पुरजोर विरोध करने का ऐलान किया। कामरेड महेंद्र पाठक ने कहा कि झारखंड जैसे प्रचुर खनिज संपदा वाले राज्य के प्राकृतिक संसाधनों को कॉरपोरेट घरानों के हवाले करना यहां की जनता, मेहनतकश मजदूरों और स्थानीय आदिवासी समुदायों के साथ सीधा विश्वासघात है। पार्टी ने दो टूक रुख अपनाते हुए कहा कि झारखंड की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा को किसी भी हाल में कॉरपोरेट लूट का जरिया नहीं बनने दिया जाएगा। राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर पहला हक यहां के मूल निवासियों और राज्य सरकार का ही होना चाहिए।
17 अगस्त से पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन, जनआंदोलन की अपील
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पार्टी 17 अगस्त से पूरे झारखंड में चरणबद्ध और व्यापक विरोध-प्रदर्शन शुरू करेगी। CPI नेतृत्व ने राज्य भर के मजदूरों, किसानों, छात्रों, बेरोजगार युवाओं और आम नागरिकों से इस जन-आंदोलन में बढ़-चढ़कर शामिल होने की भावुक अपील की है, ताकि लोकतांत्रिक तरीके से सरकारों की मनमानी नीतियों पर अंकुश लगाया जा सके।

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