Gaya (Bihar): बिहार में शराब बंद है लेकिन अवैध शराब और सूखा नशा के कारोबारियों द्वारा नए-नए हथकंडे और तरकीब अपनाकर अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है. हालांकि राज्य में इन अवैध कारोबारियों और तस्करों के खिलाफ मद्य निषेध विभाग और पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इस बीच गया जिले में विभाग और पुलिस की टीम को बड़ी सफलता हासिल हुई है.
बता दें, मद्य निषेध विभाग और बहेरा थाना की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बहेरा-डोभी मार्ग से कंटेनरनुमा एक डाक पार्सल पिकअप वाहन पकड़ा. जिसमें से भारी मात्रा में करीब दो करोड़ रुपए का अवैध गांजा बरामद किया है इसके साथ ही 2 अंतरराज्यीय तस्करों को भी दबोचा. गिरफ्तार तस्करों की पहचान वैशाली जिले के रहने वाला गणेश कुमार और मोनू कुमार के रुप में हुई है. 
झारखंड से बिहार लाई जा रही थी गांजा की बड़ी खेप
इस संबंध में अनुंडलीय पुलिस पदाधिकारी शेरघाटी-2 अजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूरी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बीते 20 मार्च 2026 की रात मद्यनिषेध विभाग की टीम और बहेरा थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड से बिहार की ओर भारी मात्रा में गांजा की खेप लाई जा रही है इसी सूचना के आधार पर गया के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी शेरघाटी-2 अजय प्रसाद के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया.
'तस्करों ने स्वीकारी गांजा छिपाकर ले जाने की बात'
जांच टीम के गठन के बाद बहेरा-डोभी मार्ग पर वाहन चेंकिंग अभियान शुरु किया गया. इस दौरान Blue Dart DHL लिखा एक सफेद रंग का कंटेनरनुमा डाक पार्सल पिकअप वाहन को रोका गया. जिसमें दो व्यक्ति सवार थे. पूछताछ के क्रम उन्होंने शुरुआत में कूरियर के सामान होने की बात कही लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने वाहन में गांजा छिपाकर ले जाने की बात स्वीकर की. 
छिपाकर रखे गए थे करीब 108 पैकेट गांजा
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान वाहन से प्लास्टिक के बंडलों में छिपाकर रखे गए करीब 108 पैकेट गांजा बरामद किए गए, जिसका कुल वजन 394 किलोग्राम पाया गया. जिसकी अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है. पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने बताया कि गांजा की खेप झारखंड के चतरा जिले से जहानाबाद ले जाई जा रही थी. इस पूरे मामले में अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है.
रिपोर्ट- जितेंद्र कुमार









