पश्चिम बंगाल में पहली बार किसी मुस्लिम को नहीं मिला मंत्रिपद, सीएम के साथ ली 5 विधायकों ने शपथ
पश्चिम बंगाल के इतिहास में आजादी के बाद पहली बार ऐसी सरकार का गठन किया जा रहा है, जिसमें एक भी मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति को मंत्रिपद नहीं दिया गया है.

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में शनिवार को शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. सीएम के साथ 5 अन्य विधायकों को मंत्रिपद की शपथ दिलाई गई. इन सब में गौर करने वाली बात यह रही कि भाजपा सरकार की इस मंत्रिपरिषद में एक भी मुस्लिम को मंत्री नहीं बनाया जा रहा है और यह कारनामा पश्चिम बंगाल के इतिहास में पहली बार होगा. मंत्री बनाए जा रहे विधायकों में महिलाएं, आदिवासी और मतुआ समुदाय के भी लोग हैं सिवाय किसी मुस्लिम नेता के.
ममता सरकार में थे 5 मुस्लिम कैबिनेट मंत्री
वर्ष 2021 में जब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आयी थी, तब मुस्लिम समाज से लोगों को 7 मंत्री बनाया गया था. इनमें से 4 को कैबिनेट मंत्री और 3 को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया था. ममता की सरकार में फिरहाद हकीम, मो गुलाम रब्बानी, जावेद अहमद खान, मौलाना सिद्दीकुल्ला चौधरी, अखरुज्जमान और सबीना यासमीन को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था.
बीजेपी ने नहीं दिया था किसी मुस्लिम को टिकट
अब सवाल उठता है कि जब शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पहली बार बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने शपथ ली, तो मंत्रिमंडल में कोई मुस्लिम क्यों नहीं है. इस सवाल का जवाब यह है कि भाजपा ने बंगाल विधानसभा चुनाव 2007 में किसी मुस्लिम को टिकट ही नहीं दिया था. इसलिए उसके 207 विधायकों में एक भी मुस्लिम एमएलए नहीं है.
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