Big Breaking News: राजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं से मारपीट करने वाले पांच पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. रामगढ़ एसपी ने इन पांचों पुलिस कर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है. निलंबित पुलिस कर्मियों में राधेश्याम कुजूर, श्याम लाल महतो, जॉनसन सुरीन और बहादुर उरांव के नाम शामिल है.
वहीं, घटना कीजानकारी मिलते ही रामगढ़ SP खुद मामले की जांच के लिए मंदिर परिसर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रद्धालु के साथ मारपीट करना पूरी तरह से गलत है. मामले में कार्रवाई करते हुए उन सभी 5 पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. जिन्होंने श्रद्धालु के साथ मारपीट की थी. 
विधानसभा में आज सीपी सिंह ने उठाया था मुद्दा
आपको बता दें, यह पूरा मामला रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना इलाके स्थित प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिके मंदिर परिसर का है जहां पुलिस कर्मियों और एक श्रद्धालु के बीच मारपीट का एक वीडियो सामने आया था जो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. इस मुद्दे को आज रांची से बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने भी झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में उठाया था.
पहाड़ी मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव ने DGP को लिखा था पत्र
वहीं, इससे पहले मामले में झारखंड राज्य हिन्दू धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य सह पहाड़ी मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव राकेश सिन्हा ने भी झारखंड पुलिस के मुखिया (DGP) तदाशा मिश्रा को पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने राजरप्पा मंदिर में पुलिस कर्मियों द्वारा श्रद्धालु के साथ मारपीट की घटना की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी. उसने यह भी कहा था कि मामले में जांच प्रक्रिया पूरी होने तक सभी पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने किया जाए.
जानें क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, मंदिर के निकास द्वार से मंदिर के भीतर प्रवेश करने को लेकर विवाद हुआ. पुलिस के अनुसार, 8 मार्च 2026 (रविवार) को मंदिर परिसर में अत्यधिक भीड़ की वजह से लंबी लाइन लगी थी. इस बीच जमशेदपुर के टाटा से मंदिर पहुंचा युवक निकासी द्वार से अपने पूरे परिवार को मंदिर में घुसाने का प्रयास करने लगा.
इस बीच पुलिस के जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस बीच युवक उनसे बहस करने लगा और वह अपने परिवार के साथ निकासी द्वार से ही जबरन घुसना चाहा. इस बीच प्रशासन ने शांति व्यवस्था भंग करने पर उसकी पिटाई कर दी. और उसे मंदिर परिसर से दूर भगाया. वहीं मारपीट की इस घटना से मौके पर मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.








