Jharkhand (Ranchi): झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) को भेजा गया है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के अधिक अवसर प्रदान करना और राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
यूजी सीटों में बड़ा इजाफा: रिम्स और एमजीएम का बदलेगा स्वरूप
प्रस्ताव के तहत रांची स्थित रिम्स (RIMS) में यूजी सीटों को 180 से बढ़ाकर 250 करने की तैयारी है। वहीं, जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) मेडिकल कॉलेज में सीटें 100 से बढ़ाकर 150 कर दी गई हैं। इसी तर्ज पर दुमका, हजारीबाग और धनबाद के मेडिकल कॉलेजों में भी सीटों को 100 से बढ़ाकर 150 करने का प्रस्ताव भेजा गया है। सीटों में इस बढ़ोतरी से डॉक्टर बनने का सपना देख रहे सैकड़ों युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
पीजी सीटों पर फोकस: विशेषज्ञ डॉक्टरों की फौज होगी तैयार
सरकार न केवल बुनियादी चिकित्सा शिक्षा, बल्कि विशेषज्ञता (Specialization) पर भी जोर दे रही है। एमजीएम जमशेदपुर में पीजी सीटें 45 से बढ़कर 51 हो गई हैं, जबकि धनबाद में सीटों की संख्या को 9 से बढ़ाकर 19 किया गया है, जिसे 25 तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके अलावा, दुमका (21 सीटें), हजारीबाग (30 सीटें) और पलामू (21 सीटें) के नए मेडिकल कॉलेजों में भी पीजी कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव है।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर बढ़ते कदम
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के अनुसार, इन सीटों में वृद्धि से राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी दूर होगी। जब मेडिकल कॉलेजों में पीजी के छात्र बढ़ेंगे, तो अस्पतालों को चौबीसों घंटे विशेषज्ञ सेवाएं मिल सकेंगी। इससे न केवल रोगों का समय पर निदान होगा, बल्कि झारखंड के आम नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।









