सरायकेला में हाथियों का आतंक: कुकडू में मौत के बाद भड़का गुस्सा, आजसू ने दी आंदोलन की चेतावनी
सरायकेला-खरसावां के कुकडू में जंगली हाथी के हमले में मुनी राम गोराई की मौत से आक्रोश बढ़ा. जनप्रतिनिधियों ने मुआवजे और सुरक्षा पर सवाल उठाए, स्थायी समाधान और कार्रवाई की मांग तेज हुई.

Saraikela, Jharkhand: सरायकेला-खरसावां के कुकडू प्रखंड में जंगली हाथियों के हमले में मुनी राम गोराई की मौत के बाद अब मामला तूल पकड़ता जा रहा है. अंतिम संस्कार में पहुंचे स्थानीय जनप्रतिनिधि हरे लाल महतो ने सरकार और वन विभाग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति की जान की कीमत महज चार लाख रुपये देकर लोगों को चुप कराना सही नहीं है. ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगातार हाथियों के हमले में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है.
हरे लाल महतो ने मांग की है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.
वहीं, आजसू पार्टी ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा.
फिलहाल, पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग कर रहे हैं.
Report By - Congress Mahto
specializes in local and regional stories, bringing simple, factual, and timely updates to readers.
Related Posts

रांची में बेमौसम बरसात ने ढाया कहर: आंधी-बारिश से ईस्ट जेल रोड पर गिरा पेड़, कार सवार युवक घायल

रामगढ़ के पूरबडीह गांव में हाथियों ने मचाया आतंक, दीवार तोड़कर घर में घुसे.. अनाज भी कर दिया नष्ट







