Turkey earthquake: शुक्रवार यानी आज (13 मार्च 2026) की तड़के भूकंप के तेज झटके से मध्य तुर्की की धरती कांप उठी. लोग गहरी नींद में सो रहे थे लेकिन भूंकप के झटकों ने लोगों को जगा दिया. जैसे ही लोगों को भूंकप के तेज झटके महसूस हुए वे सभी दहशत के कारण अपने घरों से भागकर बाहर निकल आए.
तुर्की की AFAD (डिजास्टर एंड इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी) के अनुसार, भूंकप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 मापी गई है. AFAD ने बताया कि टोकाट प्रांत का निक्सार (Niksar) कस्बा भूकंप का प्रमुख केंद्र था यह भूकंप तड़के सुबह 3:35 बजे उस वक्त आया जब सभी गहरी नींद में सो रहे थे. जमीन से मात्र 6.4 किलोमीटर नीचे भूकंप की गहराई दर्ज हुई है. गहराई कम होने के कारण लोगों को भूकंप के काफी तेज झटके का एहसास हुआ. और आस-पास के कई अन्य प्रांतों में भी इसके कंपन महसूस किए गए.
लोगों में दहशत का माहौल
हालांकि, राहत वाली बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के कोई जान-माल की क्षति नहीं हुई है और न ही किसी इमारतों के गिरने की खबर सामने आई है. डिजास्टर एंड इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी ने अपना आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि फिलहाल कोई प्रतिकूल घटना सामने नहीं आई है.
भूकंप आने के बाद आपातकालीन और प्रशासन की टीम प्रभावित सभी इलाकों की निगरानी में है. और लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिया जा रहा है, लेकिन लोगों में अब भी डर का माहौल बना हुआ है. भूकंप के झटके महसूस होते ही काफी संख्या में लोग अपने-अपने घरों से भागते हुए सड़कों पर निकल आए. उन्हें अब भी डर है कि भूकंप के बाद और झटके आ सकते हैं. कई लोग अपने घर वापस लौटने से भी डर रहे हैं.
तुर्की में भूकंप के झटके महसूस करना आम बात
आपको बता दें, 'तुर्की' मुख्य 'फॉल्ट लाइन्स' के ऊपर स्थित है. फॉल्ट लाइन्स वह दोष रेखाएं हैं जो पृथ्वी की भूपर्पटी (crust) में मौजूद दरारें या कमजोर क्षेत्र हैं, जहां टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं और परस्पर कार्य करती है. ये चट्टानों के ब्लॉक के बीच का विखंडन हैं, जो उनके बीच हलचल (movement) को संभव बनाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप भूकंप और अन्य भूवैज्ञानिक गतिविधियां उत्पन्न होती हैं. इस कारण यहां भूकंप के झटके महसूस करना आम बात हैं.
ताजा की 2023 की भयावह यादें
लेकिन आज, शुक्रवार (13 मार्च 2026) को महसूस हुए भूकंप के झटकों ने लोगों के मन में 2023 की भयानक यादें ताजा कर दीं. बता दें, तुर्की में 2023 के फरवरी महीने में 7.8 की तीव्रता से विनाशकारी भूकंप आया था जिसने 11 दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी प्रांतों में भारी तबाही मचाई थी इलाके में हाहाकार मचा था भूकंप के इस झटके में लाखों इमारतें तबाह हो गई थी और करीब 53,000 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई थी. जबकि पड़ोसी देश सीरिया में भी 6,000 लोगों की मौत हुई थी. हालांकि इस वक्त बचाव दल द्वारा टोकाट प्रांत के ग्रामीण इलाकों में सर्वे किया जा रहा है. और प्रशासन घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आए लोगों के लिए मदद का इंतजाम कर रहे हैं.






