फाइलें जांचने पहुंचे थे DM, नजर पड़ी गुमटी पर... तलाशी में मिला ऐसा सामान कि तुरंत करना पड़ा सील
शेखपुरा में सदर प्रखंड कार्यालय के निरीक्षण के दौरान डीएम शेखर आनंद ने परिसर के पास स्थित एक गुमटी की जांच कराई। प्रशासन के अनुसार, वहां से जमीन से जुड़े दस्तावेज, सरकारी रसीदें, आधार-पैन कार्ड और नकदी मिली, जिसके बाद गुमटी सील कर दी गई।


शेखपुरा: जिला पदाधिकारी शेखर आनंद के सदर प्रखंड कार्यालय के निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने एक गुमटी पर कार्रवाई की। कार्यालय परिसर के पास स्थित गुमटी की जांच में जमीन से जुड़े कई दस्तावेज, सरकारी रसीदें, पहचान पत्र और नकदी मिलने की बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुमटी को तत्काल सील कर जांच के आदेश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्रखंड कार्यालय की कार्यशैली और अभिलेखों के रख-रखाव की बारीकी से जांच की। उन्होंने आगत-निर्गत पंजी, बायोमैट्रिक उपस्थिति, कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, योजनावार पंजी और प्रखंड स्तरीय बैठकों की अनुपालन पंजी का जायजा लिया। डीएम ने आम लोगों से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली। इसमें वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड निर्माण, जमीन के खाता-खसरा और रकबा की ऑनलाइन एंट्री, शौचालय निर्माण और पेयजल आपूर्ति जैसी योजनाएं शामिल रहीं।
गुमटी में मिले जमीन से जुड़े दस्तावेज
निरीक्षण के दौरान डीएम की नजर प्रखंड कार्यालय के पास स्थित एक गुमटी पर पड़ी। इसके बाद वहां जांच की गई। प्रशासन के अनुसार, गुमटी से जमीन से जुड़े दस्तावेज, सरकारी रसीदें, आधार और पैन कार्ड सहित नकदी बरामद हुई। दस्तावेज और अन्य सामान मिलने के बाद प्रशासन ने गुमटी को तत्काल सील कर दिया। अब जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये दस्तावेज वहां कैसे पहुंचे और गुमटी से किस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
‘बिचौलियों की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं’
डीएम शेखर आनंद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी कामकाज में किसी भी तरह की लापरवाही या बिचौलियों की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को आम लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटारा करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और नागरिक सेवाओं को बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला विकास पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, बीडीओ और सीओ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गुमटी से बरामद दस्तावेजों को लेकर जांच शुरू हो गई है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन कागजात और नकदी का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
(शेखपुरा से रंजन कुमार की रिपोर्ट)

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