Jharkhand Rajyasabha Chunav 2026 : राज्यसभा के रण में झूठे निकले कांग्रेस के दावे, परिमल नाथवाणी विजयी
राज्यसभा की दो सीटों के लिए घमासान का परिणाम घोषित कर दिया गया है. परिमल नाथवाणी को समर्थन देना एनडीए के लिए सही साबित हुआ. वहीं क्रोस-वोटिंग के जरिए इंडिया गठबंधन के विधायकों के वोट भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार को मिलने की जानकारी दी जा रही है.

Jharkhand Rajyasabha Chunav 2026 : झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में झामुमो के बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत दर्ज की. वहीं कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा. परिणाम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद दूसरी सीट पर नाथवानी की जीत हुई. इससे क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज हो गई हैं. चुनाव नतीजों को गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जबकि एनडीए खेमे में उत्साह का माहौल है.
झारखंड की दो सीटों के लिए महागठबंधन की ओर से 1 वोट इनवैलिड करार कर दिए गए. वहीं एनडीए के भी 2 वोट इनवैलिड बताए गए. कांग्रेस और जेएमएम द्वारा जीत के दावे किए जा रहे थे, अपने विधायकों में विश्वास जताया जा रहा था, लेकिन परिणाम की घोषणा के बाद सारे दावे फर्जी दिखाई दे रहे हैं. प्रणव झा की बुरी तरह हार हुई है, जानकारी के अनुसार उन्हें सिर्फ 20 वोट मिले. वहीं परिमल नाथवाणी को 28 वोट मिले हैं, वहीं बैजनाथ राम को 30 मत प्राप्त हुए हैं.
कांग्रेस को बड़ा झटका
महागठबंधन की ओर से कांग्रेस ने प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम कांग्रेस और महागठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
तीन वोटों पर सस्पेंस बना रहा
चुनाव परिणाम के दौरान तीन वोटों के अमान्य होने की चर्चा भी तेज रही. झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि तीन वोटों की स्थिति स्पष्ट नहीं थी और उन्हें पहले होल्ड पर रखा गया था. बाद में इन वोटों को अमान्य घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई.
महागठबंधन के भीतर गड़बड़ी की चर्चा
सूत्रों के अनुसार महागठबंधन के भीतर ही मतदान को लेकर गड़बड़ी हुई. चर्चा है कि राजद और भाकपा-माले के विधायक पूरी तरह एकजुट नहीं रह पाए. राजनीतिक गलियारों में इसे महागठबंधन के भीतर हुआ "खेला" बताया जा रहा है. माना जा रहा है कि इसी वजह से कांग्रेस उम्मीदवार को नुकसान हुआ और परिमल नाथवानी को फायदा मिला.
चुनाव परिणाम के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
राज्यसभा चुनाव के इस नतीजे ने झारखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. अब सभी की नजर निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा और उसके बाद आने वाली राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर टिकी हुई है.
आपसी मतभेद के कारण मिली हार : सरयू राय
जेडीयू नेता सरयू राय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी को मिली यह हार उनके गठबंधन के भीतर के मतभेदों का ही परिणाम है. उन्होंने आगे कहा कि इस मतभेद की एक झलक बिहार के चुनाव में भी देखने को मिली थी. वहीं भाजपा के विधायकों में संबंध और भरपूर विश्वास के कारण आज एनडीए समर्थित परिमल नाथवाणी को जीत मिली है.
प्रणव झा ने विजयी उम्मीदवारों से जताई उम्मीद
कांग्रेस के प्रत्याशी प्रणव झा ने मीडिया से बातचीत के दौरान विजयी प्रत्याशी परिमल नाथवाणी और बैजनाथ राम को बधाई दी है. साथ ही उन्होंने यह भी आशा जाहिर करते हुए कहा कि-
उम्मीद है कि परिमल जी राज्यवासियों के जरूरी मुद्दों पर काम करेंगे और जनता की आवाज बनकर राज्यसभा में मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाएंगे.
मीडिया के सवाल को नजरअंदाज भी किया. उनसे उन्हें पर्याप्त संख्या होने के बावजूद मिली हार को लेकर पूछा गया कि इस हार के पीछे क्या कारण रहे. इसपर उन्होंने कहा कि बाकी सवालों के जवाब पार्टी द्वारा दिए जाएंगे.
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