BPSC 70वीं का रिजल्ट जारी: भागलपुर की सीमा कुमारी बनीं DSP, चौथी बार में हासिल की बड़ी सफलता
भागलपुर जिले के कहलगांव की रहने वाली सीमा कुमारी ने BPSC 70वीं परीक्षा में 436वां रैंक हासिल कर DSP पद के लिए चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है. सीमा वर्तमान में रोहतास जिले में कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में सेवा दे रही हैं.

Bhagalpur, Bihar : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद भागलपुर जिले में खुशी का माहौल है. जिले के कहलगांव शहर के गांधीनगर की रहने वाली सीमा कुमारी ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. सीमा कुमारी को पूरे राज्य में 436वां रैंक प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर उनका चयन पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद के लिए किया गया है. सीमा की इस सफलता से पूरे कहलगांव क्षेत्र और उनके परिवार में जश्न का माहौल है.
चौथे प्रयास में पूरा हुआ डीएसपी बनने का सपना
सीमा कुमारी को यह सफलता उनके निरंतर कड़े परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बाद मिली है. बीपीएससी (BPSC) की परीक्षा में यह उनका चौथा प्रयास था, जिसमें उन्होंने प्रशासनिक सेवा के शीर्ष पद यानी डीएसपी (DSP) के रूप में चयनित होने का गौरव हासिल किया. उनके पिता पंकज चौधरी कहलगांव के एक स्थानीय प्रतिष्ठित व्यवसायी (बिजनेसमैन) हैं और उनकी माता शशि कला देवी एक कुशल गृहणी हैं. सीमा ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के निरंतर सहयोग, उचित मार्गदर्शन और अपने कड़े अध्ययन को दिया है.
67वीं बीपीएससी में भी रही थीं सफल, वर्तमान में हैं EO
गौरतलब है कि सीमा कुमारी का चयन इससे पहले भी बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए हो चुका है. उन्होंने बीपीएससी (BPSC) 67वीं की परीक्षा में भी सफलता का परचम लहराया था. उस परीक्षा के माध्यम से उन्हें रोहतास जिला के कोआथ नगर पंचायत में कार्यपालक पदाधिकारी (EO - Executive Officer) का पद मिला था. सीमा ने वहां अपनी जॉइनिंग की थी और वर्तमान समय में भी वे रोहतास के कोआथ नगर पंचायत में कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में अपनी प्रशासनिक सेवाएं दे रही हैं. इस पद पर रहते हुए भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और डीएसपी का पद हासिल किया.
बधाई देने वालों का लगा तांता
सीमा कुमारी के डीएसपी (DSP) पद पर चयनित होने की आधिकारिक सूचना जैसे ही कहलगांव और भागलपुर में फैली, उनके गांधीनगर स्थित आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उनके मित्रों ने उनके घर पहुंचकर माता-पिता को मिठाई खिलाई और बधाई दी. क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सुदूर क्षेत्र की बेटियों की इस तरह की सफलता अन्य छात्राओं को भी प्रशासनिक सेवाओं में जाने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी.
(भागलपुर से अतीश दीपंकर की रिपोर्ट)
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