Bihar (East Champaran): पूर्वी चंपारण में मादक पदार्थ गांजा की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस कोर्ट-2 (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) ने तीन अभियुक्तों को कठोर सजा सुनाई है. डुमरियाघाट थाना कांड संख्या-36/25 में सुनवाई के बाद न्यायालय ने हीरामण गड्डी, कमलेश साह और बिजली हाजरा को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 15-15 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1 लाख का अर्थदंड दिया है.
न्यायालय ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत सजा सुनाने के साथ-साथ धारा 25 के तहत भी 15 वर्ष का कठोर कारावास और ₹1,00,000 का अर्थदंड लगाया है. अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. दोनों धाराओं में दी गई सजाएं साथ-साथ चलेंगी.
नेपाल से यूपी भेजी जानी थी गांजे की खेप
मामले की जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक प्रभास कुमार त्रिपाठी ने बताया कि , 14 फरवरी 2025 को डुमरिया घाट थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग 27 के रास्ते नेपाल से गांजा की बड़ी खेप लाई जा रही है, जिसे गोपालगंज के रास्ते उत्तर प्रदेश भेजा जाना था. सूचना मिलते ही तत्कालीन थानाध्यक्ष सुधीर कुमार के नेतृत्व में छापेमारी की गई.
कार्रवाई के दौरान एक कार से लगभग 62 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया और तीनों तस्करों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. मोतिहारी पुलिस द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध होने के बाद अदालत ने तीनों अभियुक्तों को यह कठोर सजा सुनाई.
इस फैसले को जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है.
रिपोर्ट: प्रतीक सिंह








