Bhojpur Ara (Bihar): भोजपुर आरा जिले में बेकाबू पिकअप वाहन ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया है जिससे दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रुप से घायल हो गया है. जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बता दें, यह भीषण हादसा शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को जिले के हसन बाजार थाना इलाके स्थित आरा-सासाराम स्टेट हाइवे स्थित सहेजनी लाइन होटल के पास हुआ है.
बाइक में सवार होकर जा रहे थे बारात
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह सड़क हादसा इतना जबरदस्त था कि बाइक पर सवार तीनों युवक को रौंदते हुए पिकअप वाहन सड़क किनारे खाई में पलटकर जा गिरी. बताया जा रहा है कि तीनों युवक बाइक में सवार होकर उदनडीह गांव से रोहतास जिले के सझौली थाना क्षेत्र के बेरी गांव में एक शादी समारोह में बाराती बनकर जा रहे थे लेकिन समारोह में पहुंचने से पहले ही सहेजनी लाइन होटल के पास उन्हें अनियंत्रित पिकअप वाहन ने जोरदार टक्कर मारी.
मृतकों की पहचान हसन बाजार थाना इलाके के उदनडीह गांव के रहने वाले रानी सिंह (27 वर्ष) पिता- जीतन सिंह और रंजीत सिंह, पिता- शिवनाथ सिंह के रुप में की गई है. जबकि घायल युवक की पहचान राहुल कुमार के रुप में हुई है. राहुल हादसे में गंभीर रुप से घायल हो गया है जिसे पीरो सीएचसी से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल रेफर किया गया.
पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर हसन बाजार थाना पुलिस पहुंची और घायलों को पुलिस ने इलाज के लिए पीरो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सक डॉ. आनंद और डॉ. सुचित कुमार पासवान ने रंजीत कुमार और राहुल कुमार को बेहतर इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल रेफर किया. लेकिन इलाज के दौरान रंजीत ने दम तोड़ दिया. वहीं इस हादसे के बाद मृतकों के परिजनों के चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया है.
मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इधर, हादसे की खबर मिलते ही मृतक रानू सिंह के घर में कोहराम मच गया है. रानू 4 भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर था. बताया जाता है कि उसके बड़े भाई धनु सिंह की भी एक माह पहले ही बीमारी से मौत हो चुकी है. घर में अब छोटा भाई सोनू कुमार और बहन पिंकी हैं. बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां चिंता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है.
वहीं, रंजीत कुमार परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है. रंजीत की मां यशोदा देवी और पत्नी सरिता देवी के चीत्कार से पूरा गांव गमगीन हो उठा है. रंजीत को एक साल की मासूम बेटी दिव्या है. घर में रोती मां और दादी को देखकर बच्ची भी बिलखने लगती थी, जिसे देख लोगों का कलेजा दहल उठता था. परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य खोने के बाद पत्नी बार-बार यही कहकर बेसुध हो जा रही थी- “अब हम केकरा सहारे जीअम हो…”
रिपोर्ट- आशीष कुमार






