सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी राहत, मीनाक्षी की याचिका खारिज
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को झटका, तीनों सीटों पर भाजपा निर्विरोध विजयी

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव से संबंधित विवाद में कांग्रेस को बड़े झटके का सामना करना पड़ा है। मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती देते हुए जो याचिका दायर की थी, उसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के बाद न्यायालय आमतौर पर हस्तक्षेप नहीं करता और ऐसे मामलों में उम्मीदवार को चुनाव कानून के तहत उपलब्ध उपाय अपनाने चाहिए। कोर्ट ने नटराजन को चुनाव आयोग के समक्ष उचित कानूनी विकल्प अपनाने की सलाह दी है।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच के दौरान रद्द कर दिया गया था। उन पर तेलंगाना से जुड़े एक चल रहे आपराधिक मामले की जानकारी नामांकन में नहीं देने का आरोप था। कांग्रेस की ओर से यह तर्क रखा गया कि संबंधित मामले में न तो अदालत ने संज्ञान लिया था और न ही आरोप तय हुए थे, इसलिए उसका खुलासा करना जरूरी नहीं था। वहीं चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि सभी लंबित मामलों की जानकारी देना आवश्यक है, चाहे मामला किसी भी चरण में हो।
Supreme Court के फैसले के बाद मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया। भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट एकतरफा रूप से राज्यसभा पहुंच गए। फैसले के बाद मीनाक्षी नटराजन ने इसे लोकतंत्र और संविधान के लिए झटका बताया। दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
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