गुमला में 5 लाख का इनामी नक्सली रामदेव लोहरा 3 साथियों के साथ गिरफ्तार
झारखंड के गुमला जिले में पुलिस को उग्रवादी संगठन जेजेएमपी (JJMP) के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हासिल हुई है।


Gumla: झारखंड के गुमला जिले में पुलिस को उग्रवादी संगठन जेजेएमपी (JJMP) के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हासिल हुई है। डुमरी थाना क्षेत्र के घने औरापाट जंगल में चलाए गए एक विशेष सर्च ऑपरेशन में पुलिस ने 5 लाख रुपये के इनामी सब-जोनल मेम्बर रामदेव लोहरा समेत संगठन के चार उग्रवादियों को धर दबोचा है। पकड़े गए उग्रवादी इलाके में संगठन को फिर से खड़ा करने और किसी बड़ी खौफनाक वारदात को अंजाम देने की साजिश में लगे हुए थे।
खुफिया सूचना पर लेडी अफसर के नेतृत्व में घेराबंदी
पुलिस को 17 अगस्त को गुमला एसपी के जरिए एक पक्की खुफिया जानकारी मिली थी। खबर थी कि जेजेएमपी का सब-जोनल मेम्बर रामदेव लोहरा अपने हथियारबंद दस्ते के साथ डुमरी के जंगलों में भ्रमणशील है। सूचना मिलते ही चैनपुर एसडीपीओ श्रुति के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिना वक्त गंवाए औरापाट के जंगल को चारों तरफ से घेर लिया और वहां छिपकर बैठे चारों उग्रवादियों को संभलने का मौका दिए बिना दबोच लिया।
AK-56 और SLR समेत भारी मात्रा में मिला गोला-बारूद
तलाशी लेने पर पुलिस के भी होश उड़ गए, क्योंकि इन उग्रवादियों के पास से घातक हथियारों का जखीरा मिला है। बरामद सामानों में एक घातक AK-56 राइफल (2 मैगजीन के साथ), एक SLR राइफल, एक सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, एक 7.65 एमएम पिस्टल और एक देसी कट्टा शामिल है। इतना ही नहीं, पुलिस ने इनके पास से अलग-अलग हथियारों के कुल 146 जिंदा कारतूस भी जब्त किए हैं, जिनमें AK-56 के 88 और सेमी-ऑटोमैटिक राइफल के 39 राउंड शामिल हैं।
वॉकी-टॉकी, वाई-फाई डोंगल और पर्चे भी जब्त
हथियारों के अलावा पुलिस ने इनके पास से एक वॉकी-टॉकी, 9 मोबाइल फोन, 2 वाई-फाई डोंगल, उग्रवादी संगठन के पर्चे और एक बाइक भी बरामद की है। पकड़े गए उग्रवादियों में इनामी रामदेव लोहरा के अलावा एरिया कमांडर अरविंद नायक, मुनेश्वर सिंह और जितेंद्र लोहरा शामिल हैं। रामदेव लोहरा का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले पीपुल्स वार ग्रुप तथा सीपीआई माओवादी में भी सक्रिय रह चुका है।
कई थानों की पुलिस ने मिलकर चलाया था जॉइंट ऑपरेशन
इस सफल अभियान को अंजाम देने में एसडीपीओ श्रुति के साथ-साथ डुमरी, रायडीह, घाघरा, सिसई और जारी थाने के प्रभारियों समेत गुमला की नक्सल क्यूआरटी टीम का सराहनीय योगदान रहा। फिलहाल पुलिस सभी गिरफ्तार उग्रवादियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, जिससे इस संगठन के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य सहयोगियों के बारे में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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